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भगवान कृष्ण की तरह भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए सब कुछ किया: एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर. (फाइल फोटो)

विदेश मंत्री एस जयशंकर. (फाइल फोटो)

Russia Ukraine War: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने फरवरी में संकट शुरू होने के बाद से 'सही रास्ता' अपनाया था. उन्होंने कहा, "सबसे जरूरी मुद्दा... दुश्मनी को उस स्तर तक बढ़ने से रोकना है जहां यह केवल नुकसान ही पहुंचाए."

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत ने यूक्रेन-रूस युद्ध को तुरंत खत्म करने और उससे उपजे ईंधन व भोजन की कमी के मद्देनजर देश के अपने हितों की रक्षा करने के बीच संतुलन कायम कर लिया है. दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ पुस्तक पर एक चर्चा को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि दक्षिण एशिया के भीतर अधिक एकीकरण तभी हो सकता है जब भारत उसकी अगुवाई करे. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के अन्य देश भारत की ओर देख रहे हैं कि वह नेतृत्व करे और इसके लिए संसाधन जुटाए.

यूक्रेन में जो हो रहा है उसकी तुलना महाभारत की स्थितियों से करते हुए कहा कि जीवन बहुत जटिल है और यह कि सभी विकल्प आसान नहीं हैं, विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने फरवरी में संकट शुरू होने के बाद से ‘सही रास्ता’ अपनाया था. उन्होंने कहा, “सबसे जरूरी मुद्दा… दुश्मनी को उस स्तर तक बढ़ने से रोकना है जहां यह केवल नुकसान ही पहुंचाए.” उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की तरह, भारत ने युद्ध को रोकने और बातचीत व कूटनीति के जरिए शांति की राह पर वापसी की वकालत करने के लिए सब कुछ किया है.

‘यूक्रेन युद्ध के साथ भारत को अपने हितों की रक्षा भी करनी है’
उन्होंने आगे कहा कि भारत को अपने ऐतिहासिक और रणनीतिक हितों के साथ-साथ यूक्रेन संकट से निकलने वाले बड़े मुद्दों जैसे ईंधन, भोजन और उर्वरक की कमी का भी प्रबंधन करना है. उन्होंने कहा, “जब किसी संघर्ष की वजह से पूरी दुनिया के लोग बहुत गहराई तक प्रभावित होते हैं, तो वहां और अधिक समझदार और शांत आवाजों की जरूरत होती है.” उन्होंने कहा, “साथ ही, भारत को वह करना होगा जो उसे अपने हितों की रक्षा के लिए करना है.”

दक्षिण एशिया में भारत की भूमिका पर क्या बोले विदेश मंत्री
दक्षिण एशिया से जुड़े एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत इस क्षेत्र पर बहुत ध्यान दे रहा है क्योंकि पड़ोस के लगभग हर देश की सीमा भारत के साथ है, जहां सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और राजनीति है. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है और पता है कि यह प्रधानमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि वास्तव में दक्षिण एशिया में एक क्षेत्र बनाने की पहल व ज़िम्मेदारी हमारे साथ है. अगर हम पहल करते हैं, अगर हम इसे आगे बढ़ाते हैं, तो यह निश्चित तौर पर होगा. अगर हम नहीं करते हैं, तो ऐसा नहीं होगा. जाहिर है, हमें दूसरों की जरूरत है.”

Tags: Russia, S Jaishankar, Ukraine

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