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17 से 20 मई के बीच ऐसा क्या हुआ कि केंद्र ने दी घरेलू विमानों के उड़ान की अनुमति

News18Hindi
Updated: May 22, 2020, 7:27 AM IST
17 से 20 मई के बीच ऐसा क्या हुआ कि केंद्र ने दी घरेलू विमानों के उड़ान की अनुमति
गृह मंत्रालय ने 17 मई को जारी किये गये दिशानिर्देश में कहा कि घरेलू विमान सेवाएं नहीं देंगी. इसके बाद एयरलाइंस सेक्टर ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बातचीत शुरू की. यहां पढ़ें पूरी जानकारी

गृह मंत्रालय ने 17 मई को जारी किये गये दिशानिर्देश में कहा कि घरेलू विमान सेवाएं नहीं देंगी. इसके बाद एयरलाइंस सेक्टर ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बातचीत शुरू की. यहां पढ़ें पूरी जानकारी

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharam) द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज में बिना किसी राहत और लॉकडाउन में विस्तार के कारण कई एयरलाइन्स ने भविष्य के खतरे के बारे में आगाह किया. जिसके बाद तीन दिनों के भीतर ही हवाई यात्रा पर फैसला बदल दिया. 17 मई को सरकार ने घोषणा की कि घरेलू यात्रा 31 मई तक प्रतिबंधित रहेगी. वहीं तीन दिनों के भीतर सरकार ने गुरुवार को यात्री उड़ानों को 25 मई से संचालित करने के लिए दिशानिर्देशों में नया संशोधन किया.

इसी महीने की शुरुआत में उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिये थे कि 15 मई से घरेलू विमानन सेवाएं शुरु हो जाएंगी. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मामले से संबंधित एक अधिकारी ने कहा, 'एयरलाइंस द्वारा मुख्य तर्क यह दिया गया था कि स्थगित सेवा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, इसलिए, होटल, भोजनालयों आदि के साथ-साथ एयरलाइनों को निर्माण फर्मों पर एक बड़ी सहायता दी जानी चाहिए, खासकर जब से दुनिया के सबसे लंबे समय तक भारत का लॉकडाउन सख्त है.'

इसके बाद एयरलाइनों को नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 'एक बड़े पैकेज' की घोषणा की जा रही है और इसमें सर्विस सेक्टर्स का जिक्र होगा, लेकिन नागरिक उड्डयन के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित उपायों में वे शामिल थे जिनकी इससे पहले घोषणा की गई थी. इनमें हवाई अड्डों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालऔर भारतीय हवाई क्षेत्र, माल और सेवा कर राहत शामिल था.



एयरलाइंस ने की बैठक



रविवार को एयरलाइंस ने इस पर नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ बैठक की मांग की थी. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, सी-लेवल एयरलाइन के अधिकारियों ने मंत्रालय के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए. वह जानना चाह रहे थे कि  क्या कोई और उपाय जारी किये जा सकते हैं जिसमें विमानन सेवाओं को फिर शुरु करने की संभावना पर बात की गई थी. लेकिन गृह दिशानिर्देश 17 मई शाम को जारी किए गए जिसमें 31 मई तक वाणिज्यिक हवाई यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया. इसमें इसका भी जिक्र नहीं था कि यह सेवाएं कब शुरू होंगी.

18 मई को एयरलाइन के अधिकारियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की और कहा कि उन्हें बढ़ते कर्ज का भुगतान करने के लिए 'लोगों को बर्खास्त करने और बेड़े का उपयोग करने के लिए मजबूर हो सकते हैं और वे दिवालिया हो सकते हैं.'  उन्होंने तर्क दिया कि जब ट्रेन - रेड जोन से ग्रीन जोन में जा सकती हैं तो एयरलाइंस क्यों नहीं उड़ सकती हैं. उनके पास अधिक ऑपरेटिंग इनवायरमेंट है और ज्यादातर रेड जोन्स से उड़ान भरेंगे. जिसमें दिल्ली-मुंबई, या मुंबई-चेन्नई जैसे रेड जोन शामिल है.



इस बीच एक एयरलाइन ने अपने कर्मचारियों को एक मेल भेजा जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर जल्द से जल्द हवाई सेवाएं शुरू नहीं हुईं तो उन्हें लोगों को नौकरी से निकालना पड़ेगा. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के विमानन क्षेत्र में लगभग 30 लाख नौकरियों पर संकट है. खास तौर से यह देखते हुए कि यह 25 मार्च को शुरू हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से लगभग शून्य राजस्व था.

18 मई को हुई सरकार के साथ एयरलाइंस की बैठक
18 मई की बैठक में मौजूद एक एयरलाइन कार्यकारी ने कहा - 'हमने तुरंत सरकार के साथ बैठकें कीं और एक दिन बाद सोमवार (18 मई) को बुलाया गया. हमने अनुमान लगाया कि अपर्याप्त बेलआउट पैकेज के बाद सेक्टर को  फिर से  रिवाइव करने पर सरकार हमसे सलाह लेगी लेकिन सरकार किराया और विनियमन शुरू करने जैसे पहलुओं पर चर्चा करना चाहती थी.'

इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रधान मंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप की मांग की. इसके बाद 19 मई को पुरी ने ट्वीट कर राज्यों से नागरिक उड्डयन संचालन की अनुमति देने की अपील की. एक दिन बाद 20 मई को उन्होंने 25 मई से उड़ानों को फिर से शुरू करने की घोषणा की.

रविवार से बुधवार के बीच क्या बदल गया, यह पूछे जाने पर नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा: 'दस दिन पहले मैंने कहा था कि हमारे हवाई अड्डे और एयरलाइंस परिचालन शुरू करने के लिए तैयार हैं. दो-तीन दिन पहले मैंने कहा था, इसे खोलने का निर्णय केवल नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास नहीं है, हम अन्य स्टेकहोल्डर्स से बात कर रहे हैं. लॉकडाउन 31 मई तक था. मैंने सुझाव दिया था कि हम लगभग एक सप्ताह या 10 दिन पहले तैयार थे, लेकिन तब यह महसूस किया गया था कि रेलवे बहुत अधिक परिचालन कर रहा है. घरेलू उड़ानों का परिचालन 25 मई, 2020 से क्रमिक तरीके से फिर शुरू किया जाएगा. सभी हवाई अड्डों और विमानन कंपनियों को 25 मई से परिचालन के लिए तैयार रहने को सूचित किया जा रहा है.’
First published: May 22, 2020, 7:23 AM IST
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