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what rajnath singh said on removal of afspa from jammu kashmir

राजनाथ सिंह ने किया जम्मू-कश्मीर से AFSPA हटाने का जिक्र, जानें क्या कुछ कहा

राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों से भी अफस्पा हटाने का जिक्र किया.

राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों से भी अफस्पा हटाने का जिक्र किया.

Rajnath Singh On AFSPA: रक्षा मंत्री ने कहा, "अभी हाल में ही असम के 23 जिलों से अफस्पा पूरी तरह हटाया गया, मणिपुर और नागालैंड के 15-15 पुलिस थानों से अफस्पा हटाया गया. यह अपने आप में बहुत मायने रखता है. यह इस इलाके में आई शांति और स्थिरता का नतीजा है."

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गुवाहाटी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि तीनों रक्षा सेवाएं जम्मू-कश्मीर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (अफस्पा) को जल्द से जल्द हटाना चाहती हैं. रक्षा मंत्री असम के गुवाहाटी में 1971 के युद्ध के दिग्गजों के अभिनंदन के दौरान बोल रहे थे. यह पहली बार नहीं है जब राजनाथ सिंह ने कश्मीर घाटी में अफस्पा को हटाने पर बात की है. 2015 में गृह मंत्री के रूप में जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान भी सिंह ने कहा था कि सशस्त्र बल अधिनियम को स्थिति के अनुकूल होने पर हटाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, “कुछ लोग यह मानते हैं कि भारतीय सेना नहीं चाहती है कि अफस्पा हटे, लेकिन मैं आज इस मंच से कहना चाहता हूं कि आंतरिक सुरक्षा के मामले में भारतीय सेना की न्यूनतम भूमिका होती है. सेना तो यही चाहती है कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह से सामान्य हो और वहां से भी अफस्पा हट सके.”

पूर्वोत्तर से अफस्पा हटाने का जिक्र
राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर राज्यों से भी अफस्पा हटाने की जिक्र किया. उन्होंने कहा, “यह कोई छोटी बात नही है कि पिछले तीन-चार वर्षों से पूर्वोत्तर राज्यों में अफस्पा को हटाने का काम भी हो रहा है. जब मैं देश का गृहमंत्री था तो मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाक़ों से अफस्पा को हटाया गया और एक नई पहल इस इलाके में की गई थी.” उन्होंने आगे कहा, “अभी हाल में ही असम के 23 जिलों से अफस्पा पूरी तरह हटाया गया, मणिपुर और नागालैंड के 15-15 पुलिस थानों से अफस्पा हटाया गया. यह अपने आप में बहुत मायने रखता है. यह इस इलाके में आई शांति और स्थिरता का नतीजा है.”

‘पूर्वोत्तर भारत में शांति और विकास का एक नया दौर शुरू हो चुका है’
रक्षा मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश के बनने से सबसे अधिक लाभ पूर्वोत्तर के राज्यों को हुआ है. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान से अलग होकर बांग्लादेश के बनने से सबसे अधिक लाभ नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को हुआ है क्योंकि सीमा पर जिस तरह का तनाव वेस्टर्न फ्रंट पर देखने को मिलता है, वह कभी भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर नही रहा है.” उन्होंने कहा, “भारत-बांग्लादेश सीमा पर शांति और स्थिरता के कारण और केन्द्र और राज्य सरकारों में आए बेहतर तालमेल का ही परिणाम रहा है कि आज पूर्वोत्तर भारत में शांति और विकास का एक नया दौर प्रारंभ हो चुका है.”

‘आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा’
असम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत सख्ती से निपट रहा है. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बहुत बड़ा काम किया गया है. जहां उग्रवाद और आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित हुई है, वहीं सीमाओं पर भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने चाक चौबंद व्यवस्था की है. आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमने ज़रूरत पड़ने पर सीमा पार जाकर कारवाई की है. भारत यह संदेश देने में सफल रहा है कि आतंकवाद से सख्ती से निपटा जाएगा. भारत सीमा पार से देश को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने में नहीं हिचकिचाएगा.”

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1971 की लड़ाई में शामिल रहे सैनिकों के सम्मान में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “आप सब जानते ही है कि पिछले साल ही हमने 1971 के युद्ध का ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ मनाया. पूरे देश में 1971 की लड़ाई का क्या महत्व है वह मैं आज यहां दोहराना नहीं चाहता क्योंकि उससे आप सब अच्छी तरह परिचित हैं. मगर 1971 की लड़ाई ने भारत को एक रणनीतिक बढ़त दी है.”

उन्होंने कहा, “यह हमारा सौभाग्य नही तो और क्या है कि जहां हमारे पास कारगिल की लड़ाई लड़ने वाले पूर्व सैनिकों की अच्छी संख्या है, वहीं 1971 और 1965 की लड़ाई में देश की आन-बान-शान के लिए लड़ने वाले पूर्व सैनिक भी हमारे बीच आज मौजूद हैं.”

Tags: AFSPA, Jammu kashmir, Rajnath Singh

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