Home /News /nation /

कुलभूषण जाधव पर पाकिस्‍तान न माने आईसीजे का फैसला तो...

कुलभूषण जाधव पर पाकिस्‍तान न माने आईसीजे का फैसला तो...

File photo - PTI

File photo - PTI

भारत ने जाधव तक पहुंच कई बार मांगी, लेकिन पाकिस्तान ने दी नहीं. ऐसे में विएना कन्‍वेंशन के आर्टिकल 36 का उल्लंघन हुआ है.

    इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने आखिरी फैसला आने तक कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है. लेकिन पाकिस्‍तान ने फैसला मानने से इनकार कर दिया है. ऐसे में अब इस मामले के जल्‍दी हल होने की उम्‍मीद कम है.

    जानकारों का कहना है कि पाकिस्‍तान फैसला नहीं मानेगा तो भारत संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में जा सकता है. पूर्व विदेश सचिव शशांक का कहना है कि व्‍यवहारिक तौर पर देखा जाए तो कोई कानून दूसरे देशों पर लागू नहीं हो पाता. अंतरराष्ट्रीय कानूनों से देशों के बीच रिश्ते चलते हैं. उन्हें देशों की सहमति से ही स्वीकार किया जाता है.

    कोई देश अंतरराष्‍ट्रीय कानून मान ले तो ठीक वरना उसका कोई क्‍या कर लेगा. अभी तो आईसीजे का अंतरिम फैसला भारत के पक्ष में आया है. आगे भी हम उम्‍मीद कर सकते हैं.

    लेकिन यदि पाकिस्‍तान इसे नहीं मानता है तो भारत को भी संदेश देना होगा. पाकिस्‍तान यदि एक कुलभूषण जाधव को फांसी दे तो उसके 10-12 लोगों को फांसी पर चढ़ा दो. तब बात बनेगी. जहां तक वियना कन्‍वेंशन की बात है तो कई देश इसकी कभी परवाह ही नहीं करते. खासतौर पर महाशक्‍तियां. अब पाकिस्‍तान भी इसका उल्‍लंघन कर रहा है.

    kulbhushan jadhav

    न्‍यूज 18 में विदेश मामलों को देखने वाले पत्रकार प्रणय उपाध्‍याय कहते हैं कि आईसीजे के सभी जजों ने भारत की दलीलों को मानते हुए पक्ष में फैसला दिया है. यह देश की बड़ी कूटनीतिक जीत है. अब पाकिस्‍तान अगर इस फैसले को नहीं मानता है तब हम सुरक्षा परिषद में जाएंगे. क्‍योंकि आईसीजे के फैसलों को लागू करवाने का अधिकार सुरक्षा परिषद को है.

    Kulbhushan Jadhav Case Hearing Today Photo: PTI

    इस तरह हुआ है वियना कन्‍वेंशन का उल्‍लंघन

    भारत का आरोप है कि जाधव को सजा सुनाकर पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने वियना कन्वेंशन का उल्लंघन किया है. वरिष्‍ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा है कि भारत ने जाधव तक पहुंच कई बार मांगी है लेकिन पाकिस्तान ने दी नहीं. ऐसे में विएना कन्‍वेंशन के आर्टिकल 36 का उल्लंघन हुआ है.

    पाकिस्तान ने जाधव की गिरफ्तारी के समय भारत को सूचना भी नहीं दी. इस केस को भारत की नज़र में रखते हुए दर्ज करना चाहिए था. भारत ने लगातार अपने दूतावास के ज़रिये कुलभूषण जाधव से मिलने की कोशिश की, ताकि हिरासत में उनकी स्थिति पता की जा सके और सुनवाई में उन्हें कानूनी मदद दी जा सके. पाकिस्तान ने हर कदम पर वियना संधि को तोड़ा है.

    Tags: India, Kulbhushan Jadhav, Pakistan

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर