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सरकार का WhatsApp को जवाब- सितंबर में मिली स्पाइवेयर हमले की सूचना अधूरी थी

भाषा
Updated: November 3, 2019, 6:11 PM IST
सरकार का WhatsApp को जवाब- सितंबर में मिली स्पाइवेयर हमले की सूचना अधूरी थी
वॉट्सऐप ने शुक्रवार को कहा था कि उसने सरकार को इस स्पाइवेयर के बारे में सूचित किया था.

वॉट्सऐप (Whatsapp) ने शुक्रवार को एक बयान जारी करते हुए कहा था, 'किसी भी यूज़र की गोपनीयता और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है. हमने इस साल तुरंत ही इस मामले को सुलझा लिया था और भारत और अंतरराष्ट्रीय सरकारों को इस सिलसिले में आगाह भी कर दिया था.'

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नई दिल्ली. वॉट्सऐप (Whatsapp) ने सितंबर में भारत सरकार को बताया था कि 121 भारतीय प्रयोगकर्ताओं को इजरायली स्पाइवेयर पेगासस (Pegasus) ने निशाना बनाया है. वहीं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि उसे वॉट्सऐप से जो सूचना मिली थी वह अपर्याप्त और अधूरी थी.

सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि वॉट्सऐप ने सरकार द्वारा उससे पिछले सप्ताह पेगासस स्पाइवेयर घटना पर मांगे गए स्पष्टीकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है. इजरायली स्पाइवेयर के जरिये कथित रूप से भारत सहित दुनियाभर में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गई थी.

सरकार को वॉट्सऐप से मिला जवाब
आईटी मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि उन्हें वॉट्सऐप से जवाब मिल गया है और अभी उसका अध्ययन किया जा रहा है. इस पर जल्द अंतिम राय तय की जाएगी.

सरकार को पिछले सप्ताह भेजे जवाब का ब्योरा देने से इनकार करते हुए वॉट्सऐप ने बताया कि उसने सरकार को सितंबर में भी इसके बारे में सतर्क किया था. मई में इसकी जानकारी देने के बाद सितंबर में दूसरी बार सरकार को इसकी जानकारी दी गई थी. सूत्रों ने कहा कि फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने सितंबर में भेजी सूचना में कहा था कि 121 भारतीय प्रयोगकर्ता इस स्पाइवेयर से प्रभावित हैं.

सरकार ने कहा- सूचना अधूरी
आईटी मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात को माना कि उन्हें पूर्व में भी वॉट्सऐप से इस बारे में सूचना मिली थी लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पहले मिली सूचना अपर्याप्त और अधूरी थी. साथ ही उसमें काफी अधिक तकनीकी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया था. इस बारे में वॉट्सऐप को भेजे प्रश्नों का जवाब नहीं मिला है.
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वॉट्सऐप ने गुरुवार को कहा था कि इजरायली स्पाइवेयर पेगासस के जरिये कुछ अज्ञात इकाइयों ने दुनियाभर में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की. इनमें भारतीय पत्रकार और कार्यकर्ता भी शामिल हैं.

जासूसी का शिकार कौन, इसका खुलासा नहीं
वॉट्सऐप ने कहा है कि वह एनएसओ ग्रुप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है. यह इजराइली कंपनी है जो निगरानी करने का काम करती है. समझा जाता है कि इसी कंपनी ने वह प्रौद्योगिकी विकसित की है जिसके जरिये कुछ इकाइयों के जासूसों ने करीब 1,400 लोगों के फोन हैक किए हैं. इन इकाइयों का नाम नहीं बताया गया है लेकिन कहा गया है जिन लोगों के फोन हैक हुए हैं वे चार महाद्वीपों में फैले हैं. इनमें राजनयिक, राजनीतिक विरोधी, पत्रकार और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल हैं.

हालांकि, वॉट्सऐप ने यह खुलासा नहीं किया है कि किसके कहने पर पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए हैं.

वॉट्सऐप ने यह भी नहीं बताया कि भारत में कितने लोगों को इस जासूसी का निशाना बनाया गया या वे कौन लोग हैं. कंपनी ने कहा कि मई में उसे एक ऐसे साइबर हमले का पता चला जिसमें उसकी वीडियो कॉलिंग प्रणाली के जरिये प्रयोगकर्ताओं को मालवेयर भेजा गया.

वॉट्सऐप ने कहा- 1400 यूज़र्स को दी थी चेतावनी
वॉट्सऐप ने कहा कि उसने करीब 1,400 प्रयोगकर्ताओं को विशेष वॉट्सऐप संदेश के जरिये इसकी जानकारी दी है. कंपनी को लगता है कि ये व्यक्ति इस मालवेयर से प्रभावित हुए हैं. हालांकि, कंपनी ने भारत में इस स्पाईवेयर हमले से प्रभावित लोगों की संख्या नहीं बताई है लेकिन उसके प्रवक्ता ने कहा कि इस सप्ताह हमने जिन लोगों से संपर्क किया है उनमें भारतीय प्रयोगकर्ता भी शामिल हैं.

वैश्विक स्तर पर वॉट्सऐप का इस्तेमाल करने वालों की संख्या डेढ़ अरब है. भारत में करीब 40 करोड़ लोग वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं.

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First published: November 3, 2019, 5:30 PM IST
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