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पेगासस स्पाईवेयर के जरिए जासूसी पर वॉट्सऐप ने जताया दुख, सरकार ने कहा- 'बर्दाश्त नहीं की जाएगी सुरक्षा में खामी'

वॉट्सऐप के 40 करोड़ यूजर भारत में हैं (सांकेतिक तस्वीर)

पेगासस स्पाईवेयर (Pegasus Spyware) जासूसी के मामले में वॉट्सऐप (Whatsapp) ने सरकार को पत्र लिखकर दुख जताया है.

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    नई दिल्ली. मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप (Whatsapp) ने पेगासस स्पाईवेयर (Pegasus Spyware) के मामले में सरकार को पत्र लिखकर खेद जताया है. सरकार (Government) की ओर से वरिष्ठ सूत्रों ने यह भी बताया है कि इस पत्र में वॉट्सऐप की ओर से सुरक्षा मानकों (Safety standards) को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने की बात भी कही गई है.

    नाम न बताने की शर्त पर वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने बताया कि सरकार की ओर से वॉट्सऐप (Whatsapp) को अपनी सिक्योरिटी वॉल (Security Wall) को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही सरकार ने वॉट्सऐप को यह भी साफ कर दिया है कि वह मैसेजिंग ऐप (Messaging App) पर सुरक्षा में खामी बर्दाश्त नहीं करेगी.

    दुनिया भर में पेगासस स्पाईवेयर की जासूसी के शिकार 1400 में से 121 भारतीय नागरिक
    पिछले महीने फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी (वॉट्सऐप) ने कहा था कि भारतीय पत्रकार (Indian Journalists) और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता भी उन लोगों में शामिल थे, जिनकी पेगासस स्पाईवेयर के जरिए निगरानी की जा रही थी.

    वॉट्सऐप के अनुसार, स्पाईवेयर को इजरायल (Israel) के NSO ग्रुप ने दुनियाभर में 1400 यूजर्स को जासूसी का निशाना बनाया था. इन यूजर्स में 121 यूजर्स भारत के भी थे.

    वॉट्सऐप ने कहा- सभी मैसेज और कॉल्स के लिए उपलब्ध कराएंगे मजबूत सिक्योरिटी
    सरकार के इन अटैक के बारे में और जानकारी मांगने के बाद वॉट्सऐप ने कहा था कि इसने भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांड टीम (CERT-In) को सितंबर में इन 121 भारतीयों पर पेगासस की निगरानी के बारे में बताया था.

    वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने एक मेल के जरिए दिए बयान में कहा है कि कंपनी भारत के उपभोक्ताओं (Consumers) की प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. उपभोक्ताओं की सुरक्षा को भविष्य में ऐसा खतरा न हो इसके लिए वह इंडस्ट्री की सबसे मजबूत सिक्योरिटी सभी मैसेज और कॉल्स (Messages and Calls) के लिए उपलब्ध कराएंगे.

    बंटी हुई थी सूचना प्रौद्योगिकी मामले की स्थायी समिति के सदस्यों की राय
    संसद की एक समिति की बैठक में भी वॉट्सऐप जासूसी मुद्दे (WhatsApp Snooping Issues) पर चर्चा को लेकर बुधवार को तीखी बहस हुई और इसके बाद हुए मतदान में इस विवादास्पद मामले पर चर्चा कराये जाने का समर्थन किया गया. वॉट्सऐप जासूसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए या नहीं, इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली संसद की एक स्थायी समिति की बैठक हुई.

    सूत्रों ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मामले की स्थायी समिति के सदस्यों की राय इस मुद्दे पर बंटी नजर आई. BJP सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा का विरोध कर रहे थे जबकि LJP और YSRCP समेत अन्य चर्चा कराये जाने के पक्ष में थे.

    मतदान के समय शशि थरूर का वोट रहा महत्वपूर्ण
    सूत्रों ने बताया कि समिति के सदस्यों की राय अलग-अलग होने के कारण मतदान कराया गया और परिणाम बराबर रहा. इसके बाद समिति के अध्यक्ष शशि थरूर (Shashi Tharoor) का वोट महत्वपूर्ण रहा और उन्होंने चर्चा कराये जाने का पक्ष लिया. इससे पहले उन्होंने एक सदस्य के रूप में वोट किया और नियम, समिति के प्रमुख को परिणाम बराबर रहने की स्थिति में फिर से मतदान करने की अनुमति देते है.

    इलेक्ट्रॉनिक और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय कुमार साहनी ने डाटा सुरक्षा (Data Security) के मुद्दे पर समिति के सामने प्रस्तुति दी. थरूर ने भारतीय नागरिकों की जासूसी के लिए प्रौद्योगिकी के कथित इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए समिति के सदस्यों को पत्र लिखा था. उन्होंने कहा था कि यह ‘गंभीर चिंता’ का विषय है.

    बता दें कि वॉट्सऐप के 40 करोड़ यूजर भारत (India) में हैं.

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