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WhatsApp कश्मीरियों को कर रहा है ग्रुप से बाहर, ये है बड़ी वजह

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Updated: December 5, 2019, 5:41 PM IST
WhatsApp कश्मीरियों को कर रहा है ग्रुप से बाहर, ये है बड़ी वजह
जम्मू कश्मीर में पिछले 120 दिनों से इंटरनेट सेवा बाधित है. फाइल फोटो. पीटीआई

सरकार का दावा है कि ज्यादातर सेवाओं को फिर से शुरू किया जा चुका है, लेकिन इंटरनेट पर पाबंदी अब भी लगी हुई है. इस बीच खबर आ रही है कि जिन Whats app ग्रुप में कश्मीरी जुड़े हैं, उनके नाम खुद ही Whats app ग्रुप से हटते जा रहे हैं.

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  • Last Updated: December 5, 2019, 5:41 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में अनुच्छेद 370 (Article 370) में बदलाव हुए चार महीने से ज्यादा का समय हो चुका है. सरकार का दावा है कि ज्यादातर सेवाओं को फिर से शुरू किया जा चुका है, लेकिन इंटरनेट पर पाबंदी अब भी लगी हुई है. इस बीच खबर आ रही है कि जिन Whats app ग्रुप में कश्मीरी जुड़े हैं, उनके नाम खुद ही Whats app ग्रुप से हटते जा रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, घाटी में मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म के यूजर्स Whatsapp समूहों से गायब होने लगे हैं. लोग हैरान हैं कि क्‍यों उनके नाम ग्रुप से हट रहे हैं. घाटी से बाहर भी जिन ग्रुप से कश्‍मीरी जुड़े हैं, उनमें से भी उनके नाम बाहर होते जा रहे हैं.

अब इस पर फेसबुक (Facebook) की ओर से स्‍पष्‍टीकरण आया है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि Whats app पर जो अकाउंट 120 दिन तक एक्‍टिव नहीं रहता है उसे उस समय के बाद डिएक्‍टिवेट कर दिया जाता है. कंपनी उन अकाउंट्स को डिलीट कर दिया जाता है. सुरक्षा बनाए रखने और डेटा रिटेंशन को सीमित करने के लिए, व्हाट्सएप अकाउंट 120 दिनों की निष्क्रियता के बाद समाप्त हो जाते हैं. इसके बाद जिन ग्रुप में ये अकाउंट होता तो वहां से खुद की बाहर हो जाता है.

सोशल मीडिया पर स्क्रीन शॉट शेयर कर रहे लोग
अब सोशल मीडिया पर कई लोग ऐसे स्क्रीन शॉट शेयर कर रहे हैं, जिनमें दिख रहा है कि किस तरह कई नंबर एक के बाद एक ग्रुप से लेफ्ट हुए. बता दें कि 120 दिनों के बाद भी कश्मीर में अब तक मोबाइल सेवा शुरू नहीं हो सकी हैं. हालांकि दूसरी सेवाओं को शुरू कर दिया गया है. स्कूल कॉलेज के अलावा सरकारी दफ्तर भी सामान्य तौर पर काम कर रहे हैं. लेकिन सरकार का कहना है कि उसने सुरक्षा के मद्देनजर अभी मोबाइल सेवाओं को शुरू नहीं किया है.



अनुच्छेद 370 में बड़े बदलावों के बाद अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि जैसे ही कश्मीर में हालात सामान्य होंगे, जम्मू कश्मीर को एक बार फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाएगा.

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First published: December 5, 2019, 5:32 PM IST
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