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जब आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ तब सो रहे थे गृहमंत्री

Bhawani Singh | News18Hindi
Updated: June 27, 2017, 1:51 PM IST
जब आनंदपाल का एनकाउंटर हुआ तब सो रहे थे गृहमंत्री
फाइल फोटो.

मोस्ट वांटेड अपराधी आनंदपाल के एनकाउंटर के बारे में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के हेड दिनेश एम एन को पहले से कुछ भी नहीं पता था.

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मोस्ट वांटेड अपराधी आनंदपाल के एनकाउंटर के बारे में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के हेड दिनेश एम एन को पहले से कुछ भी नहीं पता था. इस एनकाउंटर के बारे में नहीं तो राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब कटारिया और नहीं डीजीपी मनोज भट्ट को कुछ पता था. अगर किसी को इस बारे में पता था, तो वह राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे थी.

रविवार को राजस्थान पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने आधी रात को मोस्ट वांटेड अपराधी आनंदपाल को एनकाउंटर में मार गिराया.

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने रविवार आधी रात को गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया को फोन कर बधाई दी. तो कटारिया अवाक रह गए. बाद में कटारिया ने सीएम से कहा कि वे रात साढ़े दस बजे ही सो गए थे. क्या हुआ था मालूम ही नहीं चला. यह बात उन्होंने अपने बयान में कही कि सीएम के बधाई के फोन से पहले उनको इस बात की कोई जानकारी नहीं थी.

जब मीडिया ने राजस्थान के डीजीपी मनोज भट्ट से आनंदपाल के एनकाउटंर पर आधी रात को प्रतिक्रिया चाही, तो भट्ट ने हैरानी से पूछा क्या आनंदपाल का खात्मा हो चुका?

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के हेड दिनेश एम एन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि एसओजी ने आनंदपाल का एनकाउटंर कर दिया. ये ही सूचना थी कि कोई मुठभेड़ चल रही है. लेकिन आनंदपाल के साथ थी ये जानकारी नहीं थी.

अब सवाल यह है कि क्या आनंदपाल के एनकाउंटर का आपरेशन इतना सीक्रेट था कि पुलिस विभाग के दोनों मुखियाओं और खुद एसओजी के हैड को भी  एसओजी के अफसरों ने सूचना नहीं दी थी. क्या आनंदपाल के एनकाउटंर के ऑपरेशन की मॉनिटरिंग अकेले खुद वसुंधराराजे कर रही थी. या फिर कहानी कुछ और है..

आपको बता दें कि दिनेश एम एन और गुलाबचंद कटारिया सोहराबुद्दीन एनकाउटंर केस के आरोपी रहे हैं. इस आरोप में दिनेश एम एन सात साल तक गुजरात के जेल में रहे हैं. कटारिया को भी समन किया गया था. राजस्थान सरकार ने दिनेश एम एन को जेल से बाहर आते ही पहले प्रमोट कर आईजी बनाया, फिर मोस्ट वांटेड आनंदपाल को पकड़ने का जिम्मा सौंपा. जिसे पकड़ने में अब तक राजस्थान पुलिस नाकाम रही थी.क्या इसी वजह से दिनेश एम एन और गुलाबचंद कटारिया एनकाउटंर का क्रेडिट लेने या जानकारी से पीछे हटे. क्या ये जांच से बचने का सुनियोजित प्लान पहले से तैयार था.

आपको बता दें कि आनंदपाल का परिवार और समर्थक एनकाउटंर के दूसरे दिन ही फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा चुके हैं. आनंदपाल की घेराबंदी के बाद पुलिस के मुताबिक ढ़ाई घंटे मुठभेड़ चली, फिर कैसे मुमकिन है कि आनंदपाल के एनकाउटंर से टॉप थ्री अनजान रहे.

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First published: June 26, 2017, 11:13 PM IST
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