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प्रशासन ने दिया टिड्डियों को भगाने का काम तो टीचर्स ने स्‍टूडेंट्स को ही थाली पकड़ाकर खेतों में उतार दिया

News18Hindi
Updated: December 25, 2019, 3:27 PM IST
प्रशासन ने दिया टिड्डियों को भगाने का काम तो टीचर्स ने स्‍टूडेंट्स को ही थाली पकड़ाकर खेतों में उतार दिया
पाकिस्‍तान से आई टिड्डियों ने उत्‍तर गुजरात के कई जिलों में आतंक मचा रखा है.

उत्‍तर गुजरात (North Gujarat) के बनासकांठा जिले में थराद के तहसील विकास अधिकारी ने शिक्षकों को पाकिस्‍तान (Pakistan) से आई टिड्डियों (Locusts) को भगाने की जिम्‍मेदारी दी थी. इसके बाद टीचर्स ने छात्रों (Students) को ही थाली और लकड़ी पकड़ाकर खेतों में उतार दिया. हालांकि, बवाल होने पर आदेश वापस ले लिया गया.

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  • Last Updated: December 25, 2019, 3:27 PM IST
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जनक दवे

बनासकांठा. उत्‍तर गुजरात (North Gujarat) के किसान फसल पर टिड्डियों (Locusts) के हमले से परेशान हैं. इस बीच बनासकांठा (Banaskantha) में टिड्डियों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि प्रशासन ने स्‍कूल टीचर्स को उन्‍हें भगाने का काम सौंप दिया. इसके बाद प्राइमरी स्‍कूल के टीचर्स ने एक कदम आगे बढ़ते हुए छात्रों (Students) को टिड्डियों को भगाने के लिए मैदान में उतार दिया. बच्‍चों को थाली और लकड़ी देकर खेतों में टिड्डियों को भगाने की जिम्‍मेदारी दे दी गई. इस प्रशासनिक आदेश (Administrative Order) पर बवाल खड़ा हो गया. इसके बाद प्रशासन को विवादास्‍पद आदेश वापस लेना पड़ा.

'बच्‍चों को टिड्डियों को भगाने की सही जानकारी दें शिक्षक'
गुजरात के बनासकांठा में थराद (Tharad) के तहसील विकास अधिकारी ने शिक्षकों (Teachers) को टिड्डियों को भगाने की जिम्मेदारी दी थी. बवाल के बाद बदले आदेश में अधिकारी ने कहा कि शिक्षक बच्‍चों को टिड्डियों को भगाने की सही जानकारी दे. बच्चे यह बात अभिभावकों को बताएंगे. हालांकि, नया आदेश आए तब तक शिक्षकों ने बच्चों को थाली और लकड़ी देकर खेतो के रास्तों में उतार दिया था. सवाल उठता है कि क्या प्रसाशन इस हद तक विफल है कि टिड्डियों को भगाने का काम बच्‍चों से कराया जा रहा है.



किसानों ने खुद भी की थी टिड्डियों को भगाने की कोशिश
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान (Pakistan) से आ रही टिड्डियों ने उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटन और महसाणा जिलों के किसानों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है. इससे स्‍थानीय किसान बहुत परेशान हैं. पहले किसानों ने अपने दम पर टिड्डियों को भगाने का काम किया. हालांकि, टिड्डियों का आक्रमण इतना ज्यादा है कि किसान बेबस हैं. वहीं, सरकार के पास भी इस समस्‍या से निपटने की रणनीति फिलहाल नजर नहीं आ रही है. बनासकांठा जिला की सात तहसीलों के 46 से ज्यादा गांव में किसान टिड्डियों से परेशान हैं. जिला टिड्डी नियंत्रण विभाग और कृषि विभाग की टीमें भी टिड्डियों को भगाने के काम में जुटी हैं. कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा चुका है.

गुजरात के बनासकांठा में थराद के तहसील विकास अधिकारी ने प्राइमरी स्‍कूल के टीचर्स को टिड्डियां भगाने की जिम्‍मेदारी दी.


पाकिस्‍तान की ओर से गुजरात में घुसी थीं टिड्डियां
बनासकांठा के वाव के बॉर्डर से 10 दिन पहले टिड्डियां पाकिस्तान की ओर से गुजरात में घुसी थीं. ये टिड्डियां अब महसाणा के सतलासणा तक पहुंच चुकी हैं. टिड्डी गुजरात की सीमा में 150 किमी तक अंदर आ चुकी हैं. टिड्डियों के आक्रमण की वजह से कपास, गेंहूं, वरियाली, समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है. कांग्रेस के पाटन के विधायक किरीट पटेल ने मांग की थी कि हेलिकॉप्टर के जरिये दवाई का छिड़काव किया जाना चाहिए. इससे किसानों को कम से कम नुकसान होगा. बता दें कि करोड़ों की संख्या में टिड्डियों के आक्रमण की सूचना मिलने पर प्रशासन भी हरकत में आ गया था. प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी टिड्डियों ने खेतों में खड़ी फसल उजाड़ दी.

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First published: December 25, 2019, 3:27 PM IST
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