चीनी अधिकारी ने खोली थी अपने देश की वैक्सीन की पोल, फिर भी WHO ने दी इमरजेंसी यूज की मंजूरी!

चीन अपनी वैक्सीन कई देशों को भेज रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

चीन अपनी वैक्सीन कई देशों को भेज रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

कुछ दिनों पहले चीन के शीर्ष रोग नियंत्रण अधिकारी ने कहा था कि देश के कोरोना वायरस संक्रमण रोधी टीके (Chinese Covid19 Vaccine) कम असरदार हैं और सरकार इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार कर रही है. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे इमरजेंसी यूज की मंजूरी दे दी है.

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जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को चीन के कोविड रोधी टीके (Chinese Covid Vaccine) के आपात इस्तेमाल को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी. इससे संयुक्त राष्ट्र समर्थित कार्यक्रम के तहत जरूरतमंद देशों को लाखों खुराक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. चीन के कोविड रोधी टीके का विनिर्माण सिनोफार्म कंपनी ने किया है. डब्ल्यूएचओ के तकनीकी परामर्श समूह के निर्णय से चीन के टीके को संयुक्त राष्ट्र समर्थित कोवैक्स कार्यक्रम में शामिल किए जाने की संभावना है. सिनोफार्म ने टीके और इसके प्रभाव से संबंधित ब्योरे के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है.

बता दें कि कुछ दिनों पहले चीन के शीर्ष रोग नियंत्रण अधिकारी ने कहा था कि देश के कोरोना वायरस संक्रमण रोधी टीके कम असरदार हैं और सरकार इन्हें और अधिक प्रभावी बनाने पर विचार कर रही है. चीन के रोग नियंत्रण केन्द्र (सीडीसी) के निदेशक गाओ फू ने कहा था कि चीन के टीकों में ‘बचाव दर बहुत ज्यादा नहीं है.’ गाओ का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया जब चीन ने अन्य देशों को टीकों की करोड़ों खुराकें दी हैं और पश्चिमी देशों के टीकों के प्रभावी होने पर संशय पैदा करने और बढ़ावा देने की भी वह लगातार कोशिश कर रहा है.

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टीकाकरण के लिए अलग-अलग टीकों का इस्तेमाल करना चाहिए
गाओ फू ने कहा था, ‘अब इस बात पर गंभीरता से विचार हो रहा है कि क्या हमें टीकाकरण प्रक्रिया के लिए अलग-अलग टीकों का इस्तेमाल करना चाहिए.

कई देशों को टीके निर्यात कर चुका है चीन

दवा निर्माता कंपनियों सिनोवैक और सिनोफार्म द्वारा बनाए गए टीके मेक्सिको, तुर्की, इंडोनेशिया, हंगरी, ब्राजील और तुर्की सहित कई देशों को वितरित किए गए हैं. ब्राजील के शोधकर्ताओं ने चीन की टीका निर्माता कंपनी सिनोवैक के संक्रमण रोधी टीकों के असरदार होने की दर लक्षण वाले संक्रमण से बचाव में 50.4 प्रतिशत पाई. वहीं, इसके मुकाबले फाइजर द्वारा बनाए गए टीके 97 प्रतिशत असरदार पाए गए.



(भाषा से इनपुट्स के साथ.)

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