SSR Case: कौन लाया था सुशांत सिंह के लिए फांसी वाला कुर्ता?

SSR Case: कौन लाया था सुशांत सिंह के लिए फांसी वाला कुर्ता?
14 जून को सुशांत का शव पंखे से झूलता हुआ मिला था (फाइल फोटो)

सिद्धार्थ पिठानी (Siddharth Pithani) वही शख्स है, जिसने सीलिंग फैन से झूलते हुए सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के शव को सबसे पहले देखा और इसी शख्स ने तीन और सहयोगियों की मदद से शव को पुलिस के आने से पहले नीचे उतारा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 8, 2020, 12:09 AM IST
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नई दिल्ली. फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत अब तक रहस्य बनी हुई है. 14 जून को सुशांत का शव (Dead body) पंखे से झूलता हुआ मिला था. फांसी लगाने के लिए एक हरे रंग के कुर्ते का इस्तेमाल किया गया था. सुशांत का शव जिस हरे रंग के कुर्ते से झूलता हुआ मिला था, उस कुर्ते को सिद्धार्थ पिठानी लेकर आया था. सिद्धार्थ पिठानी (Siddharth Pithani) वही शख्स है, जो जिसने सीलिंग फैन से झूलते हुए सुशांत के शव को सबसे पहले देखा और इसी शख्स ने तीन और सहयोगियों की मदद से शव को पुलिस के आने से पहले नीचे उतारा था.

सिद्दार्थ (Siddharth Pithani) का कहना है कि घर में रहने वाले कुक केशव ने उसे सूचना दी थी कि सुशांत का कमरा अंदर से बंद है. सुशांत कभी कमरा अंदर से बंद नहीं करता था. कमरे की चाबी नहीं होने की वजह से सिद्धार्थ ने चाबी बनाने वाले का नंबर ऑनलाइन तलाश किया और फिर चाबी वाले को बुलाकर दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खुलवाने के बाद कमरे में चार लोग दाखिल हुए. इनमें सिद्धार्थ पिठानी, दीपक, नीरज और केशव शामिल थे. सिद्धार्थ पिठानी के मुताबिक उसने कमरे में देखा कि सुशांत सिंह कुर्ते का फंदा बनाकर सीलिंग फैन से झूल रहा था. फांसी लगाने में इस्तेमाल हुआ कुर्ता वही था, जिसे सिद्धार्थ लेकर आया था.

सिद्धार्थ का कहना है कि सुशांत की बहन मीतू से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने फांसी का फंदा गले से खोलने की कोशिश की. लेकिन फंदा नहीं खुल रहा था. इसके बाद सिद्धार्थ किचन से चाकू लेकर आया और उसने कुर्ते को काट दिया. सिद्धार्थ का कहना है कि कुछ दिन पहले ही वह सूती कपड़ों के नामचीन ब्रांड का कुर्ता सुशांत के लिए खरीदकर लाया था. सिद्धार्थ का कहना है कि उसे इस बात का दुख है कि उसी के लाए गए कुर्ते से उसके दोस्त सुशांत ने फांसी लगा ली.



मुंबई पुलिस में अपने बयान दर्ज कराने के बाद सिद्धार्थ मुंबई से हैदराबाद आ गया था. उसका दावा है कि उसे सुशांत के अकाउंट्स से पैसों के लेन-देने की कोई जानकारी नहीं है. लेकिन मनी लाउंडरिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालन ने सिद्धार्थ को समन कर मुंबई बुला लिया है. शनिवार को सिद्धार्थ ईडी के सवालों का जवाब देगा.
सिद्धार्थ ने पिछले एक हफ्ते से अपना मोबाइल बंद कर रखा है. उसका कहना है कि उसे फोन कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए धमकियां मिल रही हैं. सिद्धार्थ ने बताया कि उसने धमकियां मिलने की शिकायत हैदराबाद में कुसाईगुड़ा पुलिस इंस्पेक्टर को कर दी है. लेकिन कुसाईगुड़ा थाने के इंस्पेक्टर और एसीपी ने ऐसी कोई भी शिकायत मिलने से इनकार किया है. सवाल यह है कि सिद्धार्थ गलत बयानी क्यों कर रहे हैं.
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