COVID-19: WHO प्रमुख ने हिन्दी में ट्वीट कर भारत को कहा धन्यवाद, जानें वजह

डब्‍ल्‍यूएचओ चीफ ने भारत का किया धन्‍यवाद.
डब्‍ल्‍यूएचओ चीफ ने भारत का किया धन्‍यवाद.

अक्‍टूबर की शुरुआत में भारत ने विश्‍व व्‍यापार संगठन (WTO) से कहा था कि विकासशील देशों के लिए कोविड 19 दवाओं (Covid 19 vaccine) के निर्माण और उनके आयात को सरल बनाने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों (इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स) को माफ करे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 2:34 PM IST
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नई दिल्‍ली. दुनिया भर में कोरोना वायरस की दवा (Coronavirus Drugs) और वैक्‍सीन (Coronavirus Vaccine) विकसित करने के लिए युद्धस्‍तर पर काम चल रहा है. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) कोविड 19 महामारी (Covid-19 Pandemic) में अहम भूमिका निभा रहा है. इस बीच डब्‍ल्‍यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनम ने हिंदी में ट्वीट करके भारत का शुक्रिया अदा किया है. मामला कोरोना वैक्‍सीन की उपलब्‍धता और वितरण से जुड़ा है.

डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने कहा, 'धन्यवाद भारत और दक्षिण अफ़्रीका, बौधिक संपदा के मुद्दे पर कोविड-19 के संदर्भ में पुनर्विचार के सुझाव के लिए ताकि वैक्सीन, दवा आदि कम दाम पर उपलब्ध कराएं जा सके. ये एक सराहनीय कदम है.'






दरअसल अक्‍टूबर की शुरुआत में भारत ने विश्‍व व्‍यापार संगठन (WTO) से कहा था कि विकासशील देशों के लिए कोविड 19 दवाओं (Covid 19 vaccine) के निर्माण और उनके आयात को सरल बनाने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों (इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स) को थोड़े वक्त के लिए दरकिनार करे. इस संबंध में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने डब्‍ल्‍यूटीओ को पत्र भी लिखा था.

दो अक्टूबर को लिखे गए पत्र में दोनों देशों ने डब्‍ल्‍यूटीओ से इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के व्यापार-संबंधित पहलुओं पर समझौते (Trips) के हिस्‍से में छूट देने का आह्वान किया है. यह वैश्विक स्तर पर पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और अन्य इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स बौद्धिक संपदा नियमों को नियंत्रित करता है. डब्‍ल्‍यूटीओ की वेबसाइट पर प्रकाशित पत्र में कहा गया है कि नए डायग्‍नोस्टिक के रूप में कोरोना वायरस के लिए मेडिकल व्‍यवस्‍था और वैक्‍सीन विकसित किए गए हैं.

ऐसे में इस क्षेत्र में कई तरह की महत्वपूर्ण चिंताएं भी हैं. जैसे कि ये कैसे जल्‍दी पर्याप्त मात्रा में और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी. दोनों देशों ने कहा कि विकासशील देश महामारी से प्रभावित हैं और पेटेंट सहित बौद्धिक संपदा अधिकार सस्ती दवा के प्रावधान में बाधा बन सकते हैं.
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