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जानिए कौन हैं EU सांसदों का कश्मीर दौरा प्लान करने वाली मादी शर्मा

News18Hindi
Updated: October 30, 2019, 4:30 PM IST
जानिए कौन हैं EU सांसदों का कश्मीर दौरा प्लान करने वाली मादी शर्मा
मादी शर्मा ने ही यूरोपीय सांसदों को कश्मीर आने के लिए आमंत्रित किया था.

ब्रिटिश-भारतीय व्यवसायी और विमिंस इकोनॉमिक एंड सोशल थिंक टैंक (WESTT) नाम से NGO चलाने वाली मादी शर्मा (Madi Sharma) ने 7 अक्टूबर को यूरोपीय सांसदों को ईमेल कर 28 अक्टूबर को पीएम मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात कराने और 29 अक्टूबर को कश्मीर (Kashmir) ले जाने का वादा किया था.

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  • Last Updated: October 30, 2019, 4:30 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में यूरोपियन यूनियन के 23 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के दौरे पर कांग्रेस (Congress) समेत अन्य विपक्षी दल केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साध रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में देश के सांसदों को जाने से रोक दिया गया, जबकि विदेशी प्रतिनिधिमंडल को वहां सैर-सपाटा करने का मौका दिया जा रहा है. इस बीच EU के सांसदों के दौरे को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि ये किसने फिक्स किया था. दावा किया जा रहा है कि यूरोपीय संसद सदस्यों की कश्मीर यात्रा 'WESTT' एनजीओ ने स्पॉन्सर की है. इस NGO को ब्रिटिश-भारतीय व्यवसायी मादी शर्मा (Madi Sharma) संचालित करती हैं.

मादी शर्मा (Madi Sharma) ने ही यूरोपीय संसद के सदस्यों को कश्मीर (Kashmir) आने के लिए आमंत्रित किया था. यूरोपीय सांसदों को भेजे न्योते में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के साथ खास मुलाकात कराने और कश्मीर ले जाने का वादा किया था. EU सांसदों की कश्मीर यात्रा के लिए फंडिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. खास बात यह है कि डेलिगेशन में शामिल 22 सांसद दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक हैं.

EU सासंदों को मादी ने किया था आमंत्रित
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, 7 अक्टूबर को मादी शर्मा ने यूरोपीय सांसदों को ईमेल कर 28 अक्टूबर को पीएम मोदी से मुलाकात कराने और 29 अक्टूबर को कश्मीर ले जाने का वादा किया था. इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की भी बात कही गई थी.

कौन हैं मादी शर्मा?
मादी शर्मा के बारे में बताया जा रहा है कि वह विमिंस इकोनॉमिक एंड सोशल थिंक टैंक (WESTT) नाम का एनजीओ चलाती हैं. मादी की वेबसाइट के मुताबिक, यह संस्था महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए काम करती है. राजनीतिक स्तर पर यह एनजीओ अहम मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाता है, लेकिन इससे कोई व्यावसायिक फायदा नहीं उठाता. मादी के ट्विटर हैंडल पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह खुद को सोशल कैपिटलिस्ट: इंटरनेशनल बिजनेस ब्रोकर, एजुकेशन एंटरप्रन्‍योर एंड स्पीकर बताती हैं. EU सांसदों को शर्मा ने ही आमंत्रित किया था.

यूरोपीय संघ के सांसदों ने पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस, जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी.

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370 पर लिखा था आर्टिकल
मादी शर्मा यूरोपियन इकोनॉमिक एंड सोशल कमेटी की सदस्य भी हैं. मादी ने अनुच्‍छेद -370 पर एक आर्टिकल भी लिखा था, जो EP टुडे में प्रकाशित हुआ था. लेख का शीर्ष था, 'आर्टिकल 370 को खत्म करना जीत और कश्मीरी महिलाओं के लिए चुनौती क्यों है?' EP टुडे यूरोपीय संसद से जुड़ी एक मासिक पत्रिका है.

EU डेलिगेशन ने पीएम मोदी से की थी मुलाकात
बता दें कि EU के 23 सांसदों ने पीएम मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की थी. इसके बाद मंगलवार को श्रीनगर में 15वीं कोर के कमांडर से भी मिले. दिल्ली में डोभाल के लंच के दौरान डेलिगेशन के सदस्यों ने कश्मीर के कुछ लोगों से भी मुलाकात की थी. वहीं, बुधवार को EU सांसदों ने कश्मीर के लोगों से मिलने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग शांति और विकास चाहते हैं. साथ ही कहा कि इस दौरे को राजनीतिक नजर से न देखा जाए.

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First published: October 30, 2019, 3:12 PM IST
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