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आम आदमी पार्टी छोड़ क्यों कांग्रेस में फिर से आ गईं थीं अलका लांबा

News18Hindi
Updated: February 8, 2020, 3:09 PM IST
आम आदमी पार्टी छोड़ क्यों कांग्रेस में फिर से आ गईं थीं अलका लांबा
अलका लांबा शनिवार को सुर्खियों में थीं.

बीते साल अप्रैल में अलका लांबा (Alka Lamba) का आप के विधायक, सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) से ट्विटर पर कहासुनी हो गई थी.

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  • Last Updated: February 8, 2020, 3:09 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में चांदनी चौक से कांग्रेस की प्रत्याशी अलका लांबा ( Alka Lamba) शनिवार को आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party AAP)के एक कार्यकर्ता के साथ हुई एक झड़प के बाद सुर्खियों का हिस्सा बन गईं. दिल्ली स्थित मजनू का टीला (Majnu ka Teela) के पास एक वोटिंग बूथ पर कांग्रेस और आप के कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हुई. बताया गया कि अलका पर आप के कार्यकर्ता ने कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की थी जिसके बाद वह भड़क गईं और उसे थप्पड़ मारने की कोशिश की.

साल 1994 में बतौर छात्र नेता राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाली लांबा ने बीते साल सितंबर 2019 में आम आदमी पार्टी को अलविदा कह दिया था. दिल्ली के सीएम और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) से कुछ मुद्दों पर लांबा की असमहति और सार्वजनिक तनातनी के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी.

बीते साल आप के खिलाफ लांबा ने ट्वीट कर कहा- 'आपके साथ मेरी यात्रा साल 2013 में शुरू हुई और साल 2020 में खत्म हो जाएगी. बीते 6 साल यादगार रहे और मैंने आपसे बहुत कुछ सीखा.

केजरीवाल के रोड शो में भी शामिल नहीं हुईं

आम आदमी पार्टी के विभिन्न नेताओं के साथ उनकी बहस के चलते उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप्स से हटा दिया गया. उन्होंने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कैंपेनिंग करने से भी इनकार कर दिया था साथ ही अरविंद केजरीवाल के रोड शो में भी शामिल नहीं हुईं थीं. उनसे कहा गया था कि कार्यक्रम में उनकी गाड़ी, केजरीवाल के पीछ चलेगी.

2014 में छोड़ी थी कांग्रेस
बीते साल अप्रैल में लांबा का आप के विधायक, सौरभ भारद्वाज से ट्विटर पर कहासुनी हो गई थी. जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का मन बना लिया था. इसके बाद लांबा ने जामा मस्जिद के बाहर एक रैली की जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी नेतृत्व उन्हें 'कमजोर' कर रहा है.साल 1984 में हुए दंगों के मुद्दे पर जब आप नेताओं ने प्रस्ताव पास किया था कि राजीव गांधी से उनका भारत रत्न वापस ले लिया जाये, लांबा ने इस पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि वह पार्टी नेताओं के इस फैसले के खिलाफ हैं और वह कोई भी सजा झेलने को तैयार हैं.

उन्होंने AAP में शामिल होने के लिए दिसंबर 2014 में कांग्रेस छोड़ दी और 2015 में चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से BJP के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुमन कुमार गुप्ता को हराकर जीत हासिल की.

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First published: February 8, 2020, 3:06 PM IST
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