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अचानक सड़कों पर इतनी गायें क्‍यों नजर आ रहीं?

दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर ऐसे सड़कों पर घूमती हैं गाय

दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर पर ऐसे सड़कों पर घूमती हैं गाय

पंजाब गोसेवा आयोग के मुताबिक दो साल में 290 लोगों की मौत बेसहारा घूमने वाले गाय, बछड़ों और सांडों की वजह से हुई है.

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    उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ‘शहरी क्षेत्रों में गाय का दूध निकालने के बाद लोग सड़क पर छोड़ देते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसा ही होता है. सबको गाय के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा’.

    आप ध्‍यान दीजिए अचानक सड़कों और गलियों में गायों और बछड़ों की संख्‍या बढ़ गई है. कहीं गाय प्‍लास्‍टिक खाती नजर आती है तो कहीं डिवाइडर और सड़क पर बैठी मिलती है. लगभग हर राज्‍य में यही स्‍थिति है.

    गौरक्षकों के डर की वजह से अब इनकी खरीद-बिक्री भी काफी कम हो गई है. लोग डरे हुए हैं कि गाय को ले जाते देखते ही पिटाई हो सकती है. भले ही वह गाय पालने के लिए ही क्‍यों न जा रही हो.

    सड़क पर बेसहारा घूम रही गायों और बछड़ों की वजह से दुघर्टनाएं बढ़ रही हैं. इसकी तस्‍दीक करते हैं पंजाब गोसेवा आयोग के चेयरमैन कीमती लाल भगत. उन्‍होंने बताया कि ‘आयोग के एक सर्वे में पता चला है कि दो साल में 290 लोगों की मौत घुमंतू जानवरों (गाय, बछड़ों और सांडों) की वजह से हुई है’.

    cow-related violence, Narendra Modi’s government, Bharatiya Janata Party, Cow Vigilantes, gau seva aayog, cow census in india, Goshala, gau rakshaks            लोग दूध निकालकर गायों को सड़क पर छोड़ देते हैं

    भगत के मुताबिक ‘करीब 20 फीसदी गायें सड़क पर बेसहारा घूम रही हैं. लोग दूध निकालकर उन्‍हें छोड़ देते हैं. अब हम ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाएंगे. इसकी पावर नगर निगम एक्‍ट में नगर निगमों को है. सभी जिलों में 25-25 एकड़ में गोशालाओं के शेड बनाए जा रहे हैं. पंजाब में 515 गोशालाओं में वहां के बेसहारा जानवर नहीं आ पा रहे हैं’.

    हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला कहते हैं कि ‘इस समय प्रदेश में करीब 25 हजार पशु सड़कों पर घूम रहे हैं. मंगला इसकी वजह गोशालाओं में जगह की कमी बताते हैं. उनका कहना है कि जब हमने इन पशुओं को गोशालाओं में रखा तो वहां दिक्‍कत होने लगी. कुछ पशु मरने लग गए. इसलिए कुछ को बाहर निकाला गया है’.

    cow-related violence, Narendra Modi’s government, Bharatiya Janata Party, Cow Vigilantes, gau seva aayog, cow census in india, Goshala, gau rakshaks            कभी भी सड़क पर आपके सामने आ सकती है आवारा गाय

    मंगला दुखी मन से कहते हैं कि ‘मालिकों द्वारा रोज सुबह दूध निकालने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है. ऐसे में पशु जगह की तलाश में भटकते रहते हैं. जिन गौशालाओं में आवारा पशुओं को रखा जाता है, उनमें जगह ही नहीं बची है. इसलिए यह समस्‍या ज्‍यादा बढ़ रही है’.

    परेशानी का सबब बने बेसहारा गाय और सांड

    इसी साल कोटा (राजस्‍थान) में एक ऐसा वक्‍त आया था जब तीन माह तक बेसहारा पशुओं की धरपकड़ बंद रही थी. क्‍योंकि गोशालाओं में उन्‍हें रखने के लिए जगह ही नहीं थी. नगर निगम अधिकारियों ने कहा था कि यदि पशु पकड़कर गोशाला में ले जाते हैं और वे वहां मर जाते हैं तो इसके लिए निगम को ही जिम्मेदार माना जाता है.

    cow-related violence, Narendra Modi’s government, Bharatiya Janata Party, Cow Vigilantes, gau seva aayog, cow census in india, Goshala, gau rakshaks          गोशालाओं में नहीं बच रही है गायों को रखने की जगह, देखिए

    -ग्वालियर के पंडोखर क्षेत्र के गांव रामनेर, सौजना खिरिया, विंडवा, बड़कछारी, धौंड़, पडरीकला, चांदनी, खानपुरा एवं तालगांव आदि गांवों के किसान गायों से बड़ी मुसीबत में हैं. बेसहारा गाय उनकी फसलों को बर्बाद कर रही हैं.

    -लखीमपुर खीरी (उत्‍तर प्रदेश) में किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रही 250 गायों को एक प्राइमरी स्‍कूल परिसर में बंद कर दिया.

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