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Explained: BJP क्यों राज्यों में बदल रही है मुख्यमंत्री? क्या जातिगत गणित है वजह?

Explained: BJP क्यों राज्यों में बदल रही है मुख्यमंत्री? क्या जातिगत गणित है वजह?

भूपेंद्र पटले राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे. (फाइल फोटो)

भूपेंद्र पटले राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के तौर पर सोमवार को शपथ ग्रहण करेंगे. (फाइल फोटो)

BJP Changing Politics: देखा जाये तो साल 2014 से बीजेपी मुख्यमंत्री के मोर्चे पर लगातार प्रयोग कर रही है. कई नए लोगों को मौका देकर पार्टी ने हैरान किया. आखिर क्या है इस बदलाव की वजह?

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. ऐसा लग रहा है कि इन दिनों बीजेपी (BJP) में बदलाव की हवा चल रही है. पिछले तीन महीनों के दौरान बीजेपी ने तीन राज्यों में मुख्यमंत्री बदले हैं और नए लोगों को मौका दिया है. लिहाजा इन दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर और साथ ही कुछ और राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्रियों की नींद उड़ गई है. हाल ही में जब जयराम ठाकुर दिल्ली आए तो पार्टी को सफाई देनी पड़ी कि ये उनका रूटीन दौरा है. पहले कांग्रेस पार्टी बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री बदलती थी. लेकिन अब 2021 में बीजेपी इसे आगे बढ़ा रही है.

    देखा जाये तो साल 2014 से बीजेपी मुख्यमंत्री के मोर्चे पर लगातार प्रयोग कर रही है. कई नए लोगों को मौका देकर पार्टी ने कई बार हैरान किया. आखिर क्या है इस बदलाव की वजह? आइए महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा के जरिए इसे समझने की कोशिश करते हैं…

    जातिगत गणित का खेल
    साल 2014 में महाराष्ट्र में बीजेपी को 288 में से 122 सीटों पर जीत मिली. महाराष्ट्र में मराठा का दबदबा रहा है. लिहाजा यहां ज्यादातर सीएम मराठा समुदाय के ही बने हैं. लेकिन बीजेपी ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाकर हर किसी को हैरान कर दिया. वो ब्राह्मण हैं. साल 2014 में बीजेपी को झारखंड में 81 में से 35 सीटों पर जीत मिली तो पार्टी ने रघुबर दास को सीएम बना दिया. वो वैश्य जाति (ओबीसी) के हैं. जबकि यहां हमेशा आदिवासी को ही सीएम बनाने की परंपरा रही है. हरियाणा में भी बीजेपी ने खट्टर को सीएम बनाकर हर किसी को हैरान कर दिया. वो खत्री समाज से ताल्लुक रखते हैं. पार्टी ने इस तरह के बदलाव करके इस बात के संकेत दिए किए वो जातिगत गणित से बाहर निकलना चाहती है.

    हार से बदले समीकरण
    साल 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को और बड़ी जीत मिली. लेकिन राज्यों में हालात थोड़े बदलने लगे. कुछ राज्यों में उनके हाथ से सत्ता भी चली गई. झारखंड में बीजेपी की हार हुई. महाराष्ट्र में शिवसेना से झगड़े के चलते बीजेपी की सरकार नहीं बनी. हरियाणा में सीटें कम आईं तो पार्टी को जननायक जनता पार्टी से हाथ मिलाना पड़ा. इस बात के संकेत मिलने लगे की पार्टी को जातिगत गणित को तोड़ने का फायदा नहीं हो रहा है. कई राज्यों में बीजेपी को लोकसभा के मुकाबले विधानसभा चुनाव में कम वोट मिले.

    फिर से जातिगत गणित का सहारा
    कर्नाटक में पार्टी ने लिंगायत समुदाय से नया सीएम बनाया. गुजरात में साल 2017 के चुनाव में विजय रूपाणी ने बीजेपी को डरा कर रख दिया. बीजेपी को सिर्फ 99 सीटों पर जीत मिली. जबकि कांग्रेस ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ा कर 77 कर ली. लिहाजा 2022 के चुनाव से पहले पार्टी ने एक बार फिर से पटेल को मुख्यमंत्री बना कर पुराना दांव खेला है. झारखंड में पार्टी ने बाबूलाल मरांडी को ज़िम्मेदारी सौंपी है. उधर किसान आंदोलन के चलते खट्टर पर भी दबाव बढ़ रहा है.

    Tags: BJP, Gujrat, PM Modi

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