ज़मीनी नेता हैं बीएल संतोष, कर्नाटक के अगले CM के तौर पर देख रहे हैं लोग!

दक्षिण भारत की राजनीति पर इनकी अच्छी खासी पकड़ है. छह साल पहले जब बीएस येदियुरप्पा ने बीजेपी छोड़ कर अपनी पार्टी बना ली थी उस वक्त उन्होंने कर्नाटक में संकटमोचक की भूमिका निभाई थी.

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Updated: July 16, 2019, 2:29 PM IST
ज़मीनी नेता हैं बीएल संतोष, कर्नाटक के अगले CM के तौर पर देख रहे हैं लोग!
बीजेपी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए बीएल संतोष को रामलाल की जगह राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी
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Updated: July 16, 2019, 2:29 PM IST
(दीपा बालाकृष्णन)

रविवार को जब पूरा देश वर्ल्ड कप फ़ाइनल, विंबलडन और चंद्रयान के काउंटडाउन की खबरों में डूबा था उसी वक्त बीजेपी के हेडक्वार्टर से संगठन में बदलाव को लेकर एक ऐलान हुआ. बीजेपी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए बीएल संतोष को रामलाल की जगह राष्ट्रीय संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी. रामलाल इस पद पर पिछले 13 साल से थे.

बीएल संतोष एक लो प्रोफाइल नेता रहे हैं. आमतौर पर बीजेपी में उन्हें लोग काफी सम्मान की नजरों से देखते हैं. दक्षिण भारत की राजनीति पर इनकी अच्छी खासी पकड़ है. छह साल पहले जब बीएस येदियुरप्पा ने बीजेपी छोड़ कर अपनी पार्टी बना ली थी उस वक्त उन्होंने कर्नाटक में संकटमोचक की भूमिका निभाई थी.

अगले सीएम!

बीजेपी के एक विधायक ने कहा, ''अगले दो साल में बीएल संतोष कर्नाटक के मुख्यमंत्री हो सकते हैं.'' इसमें कोई दो राय नहीं कि बीएस येदियुरप्पा इस वक्त कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के सबसे बड़े दावेदार हैं. साल 2018 में बीजेपी ने येदियुरप्पा के नाम पर चुनाव लड़ा था. लेकिन अब वो 76 साल के हो गए हैं. अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो उन्हें सीएम बनाया जाएगा. लेकिन एक-दो साल के बाद उनकी उम्मीदें खत्म हो जाएगी''.

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष


पार्टी पर पकड़
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बीएल संतोष पेशे से इंजीनियर रहे हैं साथ ही वो गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे हैं. लेकिन 80 के दशक में वो नौकरी छोड़कर आरएसएस में शामिल हो गए. मीडिया के सामने वो काफी शर्मीले स्वभाव के दिखते हैं. बेंगलुरु के एक छोटे से ऑफिस में काम करने वाले संतोष की पार्टी वर्कर के साथ काफी गहरे संबंध हैं. कहा जाता है कि वो ज़मीनी स्तर के नेता हैं.

पार्टी से जुड़े कुछ करीबी लोगों का कहना है कि एक साल के अंदर वो सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किए जा सकते हैं. एक एमएल ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ''हम इससे इनकार नहीं कर सकते. एक अच्छे नेता के सारे गुण उनमें हैं. देखिए कितने सारे लोग उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो करते हैं. वो संगठन के व्यक्ति है.''

अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ कर बीएल संतोष आरएसएस में शामिल हुए थे. साल 2006 में उन्हें आरएसएस से बीजेपी में संगठन का सचिव बनाकर भेजा गया था. शुरुआत में उन्होंने मैसूर और शिमोगा में काम किया. उनकी नजर पार्टी की कमजोर कड़ियों पर थी.

नए चेहरे तलाशने में माहिर
संतोष को नए चेहरे तलाशने में महारथ हासिल है. वो हर चुनाव में नए कैंडिडेट लाते रहे हैं. जैसे कि साल 2009 में अमेरिका से लौट कर आए इंजीनियर जनार्दन स्वामी हो या फिर मैसूर के एमपी प्रताप सिम्हा. इसके अलावा इस बार लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु साउथ के एमपी तेजस्वी सूर्या. ये सारे चेहरे बीएल संतोष की ही खोज है.

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First published: July 16, 2019, 1:29 PM IST
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