Exclusive: गांधी परिवार से अलग क्यों नहीं सोच सकती कांग्रेस? शशि थरूर ने दिया यह जवाब

Exclusive: गांधी परिवार से अलग क्यों नहीं सोच सकती कांग्रेस? शशि थरूर ने दिया यह जवाब
शशि थरूर ने कहा कि परिवार के बलिदान को हमें नहीं भूलना चाहिए

कांग्रेस (Congress ) नेता शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की वापसी से अच्छे संकेत जाएंगे लेकिन अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से यह उम्मीद करना अनुचित है कि वे अनिश्चितकाल तक यह भार सहती रहें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 2:50 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) में अध्यक्ष कौन होगा, राहुल गांधी (Rahul Gandhi) या फिर कोई और या फिर सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ही फिलहाल पद पर अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर काम करती रहेंगी. इस पर बीते दिनों चर्चा ने जोर पकड़ा है. बीते साल लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफा देने के करीब 1 महीने के बाद सोनिया गांधी ने दूसरा कार्यकाल शुरू किया लेकिन अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर. कहा गया कि इस दौरान नए अध्यक्ष की तलाश की जाएगी. हालांकि पार्टी के भीतर एक बार फिर राहुल समर्थक आवाजें उठ रही हैं.

कहा जा रहा है कि राहुल को पद संभालना चाहिए. इन मांगों पर राहुल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. सोनिया के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने कहा था, 'कांग्रेस को अब पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है.' उन्होंने कहा था, 'अगर राहुल गांधी आते हैं तो अच्छा है. अगर वह नहीं मानते हैं तो हमें किसी और को आगे लाना होगा. आखिर कब तक सोनिया पर भार रहे?'

अब एक बार फिर शशि थरूर ने ऐसा ही कुछ कहा है. CNN-News18 की पत्रकार पल्लवी घोष को दिए इंटरव्यू में तिरुवनंतपुरम से सांसद ने कहा, 'अगर राहुल गांधी फिर से बागडोर संभालने के लिए तैयार नहीं होते हैं तो कांग्रेस को चुनाव कराना होगा.'



 बलिदान को हमें नहीं भूलना चाहिए- थरूर
थरूर ने कहा, 'जब कोई यह बात करता है कि क्या कांग्रेस गांधी परिवार से परे नहीं देख सकती है तो वह इस तथ्य को भूल जाता है कि नेहरू-गांधी परिवार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिलों में विशेष स्थान रखते हैं. अपने महान पूर्वजों से मिली विरासत से अलग, वे लगातार विभिन्न समूहों, विचारधाराओं, भौगोलिक और समुदायों को एक साथ लाए हैं जो सामूहिक रूप से कांग्रेस पार्टी को बनाते हैं. उनके पास सरकार में और विपक्ष में कठिन समय के दौरान भी पार्टी का नेतृत्व करने की सफलता और अनुभव का रिकॉर्ड है. वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को साथ लाने में कामयाब रहे हैं. उन्होंने पार्टी के लिए जो किया है या दो पूर्व अध्यक्षों द्वारा किए गए बलिदान को हमें नहीं भूलना चाहिए.'

काग्रेस नेता ने कहा कि मान लीजिए 'अगर राहुल गांधी फिर से नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेना होगा. उन्हें दिसंबर 2022 तक सेवा देने के लिए चुना गया था और वह फिर से बागडोर अपने हाथों में ले सकते हैं. यह पार्टी के लिए अच्छा होगा और इसके परिणाम भी अच्छे आएंगे लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो हमें उपाय खोजना होगा. मैं भी तो यही बात कर रहा हूं.'
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