जानिए, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को क्यों भेंट में मिली मिट्टी से बनी गणेश भगवान की मूर्ति?

जानिए, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को क्यों भेंट में मिली मिट्टी से बनी गणेश भगवान की मूर्ति?
महाराष्ट्र के एक संस्था ने प्रकाश जावड़ेकर को मिट्टी से बनी गणेश भगवान की मूर्ति भेंट की

प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने मिट्टी से बनी गणेश भगवान (Lord Ganesha) की मूर्ति को अमूल्य उपहार बताते हुए कहा कि यह पर्यावरण के लिहाज से अमृत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 7:09 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में बसे महाराष्ट्र की एक संस्था ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) को मिट्टी से बनी गणेश भगवान (Lord Ganesha) की मूर्ति भेंट की. मिट्टी से बनी गणेश भगवान की मूर्ति अपनी विशेषता और संदेह है. आमतौर पर देश भर में गणेश और दूसरे भगवान की मूर्ति प्लास्टर ऑफ पेरिस, थर्मोकोल और प्लास्टिक जैसी चीजों का इस्तेमाल करके बनाई जाती है. केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड इस तरह के चीजों से बनी मूर्ति पर प्रतिबंध लगाने का फैसला भी कर चुकी है, हालांकि इसको एक साल के लिए रोका गया है.

प्रकाश जावड़ेकर  (Prakash Javadekar) ने मिट्टी से बनी मूर्ति को अमूल्य उपहार बताते हुए कहा कि यह पर्यावरण के लिहाज से अमृत है. और ये संदेश है कि लोगों को इस तरह की ही मूर्ति का इस्तेमाल करना चाहिए. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि गणेश की मूर्ती आज तक आम तौर पर प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाई जाती है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है. उन्होंने कहा कि एक साल बाद अब प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर पूरी तरह रोक है. लेकिन लोग अगर इस साल से ही मिट्टी की मूर्ति का इस्तेमाल करें तो बहुत बेहतर होगा.

केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर लगाया था प्रतिबंध



आपको बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड प्लास्टर ऑफ पेरिस, थर्मोकोल और प्लास्टिक जैसी चीजों का इस्तेमाल करके बनाई मूर्ति पर प्रतिबंध का फैसला कर चुका है. बोर्ड ने मूर्ति विसर्जन के लिए साल 2010 में जारी दिशानिर्देशों को संशोधित किया है, और जो नए नियम बनाये हैं उसके मुताबिक उन्हीं मूर्तियों के जल विसर्जन की अनुमति दी जाएगा, जिनका निर्माण पर्यावरण हितैषी तत्वों से किया जाएगा. इसमें सिंगल-यूज प्लास्टिक, थर्मोकोल या प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनीं मूर्तियां का उपयोग करने को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था.
मिट्टी से बनी गणेश भगवान की मूर्ति


एक साल के लिए प्रतिबंध हटाया

हालांकि, कोरोना लॉकडाउन के बीच में मोदी सरकार ने देश के मूर्तिकारों को राहत दी है. और इस साल के लिए लास्टर ऑफ पेरिस से बनी गणेश की मूर्तियों से एक साल के लिए प्रतिबंध हटा दिया है. सरकार के इस फैसले से उन मूर्तिकारों को राहत मिली है, जिनके पास पहले से ही प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों का स्टॉक है. बता दें कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां पानी में जल्दी घुलती नहीं हैं. जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है. ऐसे में सेंट्रल पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने प्लास्टर ऑफ पेरिस, प्लास्टिक या थर्मोकोल से बनी मूर्तियों पर पाबंदी लगाई थी.

1 सितंबर को गणेश विसर्जन

इस साल 22 अगस्त को गणेश की स्थापना और 1 सितंबर को विसर्जन होगा. गणेश स्थापना और विसर्जन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में रैली निकाली जाती है. महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के मौके पर लाखों की संख्या में छोटी बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है.
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