भारत-चीन सीमा विवाद: पीएम मोदी ने दौरे के लिए लेह से 25 KM दूर न्योमा को ही क्यों चुना? ये है बड़ा कारण

भारत-चीन सीमा विवाद: पीएम मोदी ने दौरे के लिए लेह से 25 KM दूर न्योमा को ही क्यों चुना? ये है बड़ा कारण
सेना के अधिकारियों से बातचीत करते हुए पीएम मोदी

India-China Face-off : लेह (Leh) से 25KM दूर न्योमा (Nyoma) पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) सिंधु नदी के किनारे गए और वहीं पर सैन्य कमांडर से सीमा पर चीन (China)के साथ चल रहे विवाद की जमीनी हकीकत की जानकारी ली.

  • Share this:
नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी (Galwan Valley Face off) में पिछले 15 जून को भारत (India) और चीन (China) के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया है. दोनों देशों में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) चीन की सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बिना किसी जानकारी के शुक्रवार सुबह लेह (Leh) से करीब 25 किलोमीटर दूर न्योमा पहुंचे. न्योमा पहुंची पीएम मोदी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे.

वायुसेना के विशेष विमान से लेह पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां से हेलीकॉप्टर के जरिए न्योमा पहुंचे. यहां पहुंचने पर सबसे पहले नॉर्दर्न कमांड के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल वाई. के. जोशी ने प्रधानमंत्री मोदी को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन से चल रहे मतभेदों और सेना की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी. इन सबके बीच अब सवाल ये उठता है कि आखिर पीएम मोदी ने सेना की ताकत बढ़ाने के लिए न्योमा को ही क्यों चुना. बता दें कि न्योमा में सेना की ब्रिगेड हेडक्वॉर्टर के साथ साथ कई सैन्य रेजिमेंट के बटालियन के हेडक्वार्टर हैं. इसी के साथ ही न्योमा सिंधु नदी के किनारे हैं जिसका भारत के इतिहास में अहम जगह है.

न्योमा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी सिंधु नदी के किनारे गए और वहीं पर सैन्य कमांडर से सीमा पर चीन के साथ चल रहे विवाद की जमीनी हकीकत की जानकारी ली. बता दें कि 90 के दशक में बीजेपी के नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृषण आडवाणी ने सिंधु नदी के किनारे सिंधु दर्शन मेले की शुरुआत की थी. हालांकि इस साल कोरोना के चलते मेले का अयोजन रद्द करना पड़ा.



इसे भी पढ़ें :- लेह में घायल जवानों से मिले PM मोदी, बोले- आपने दुश्मन को करारा जवाब दिया, किसी ताकत के आगे नहीं झुकेंगे
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने लेह में भारतीय जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि विस्तारवाद का युग खत्म हो चुका है. अब विकासवाद का समय आ गया है. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना उसपर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है. विकासवाद ही अवसर है और विकासवाद ही भविष्य का आधार है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज