सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल से पूछा, अगर रेप के आरोप गलत थे तो सहकर्मी को क्‍यों लिखा माफीनामा

तहलका मैगजीन के संस्‍थापक संपादक पर उनकी एक जूनियर ने 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान गोवा के होटल की लिफ्ट में यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाया था. तरुण तेजपाल फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

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Updated: August 6, 2019, 5:51 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल से पूछा, अगर रेप के आरोप गलत थे तो सहकर्मी को क्‍यों लिखा माफीनामा
सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच की अध्‍यक्षता कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ था तो तरुण तेजपाल ने सहकर्मी को माफीनामा नहीं लिखा होता.
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Updated: August 6, 2019, 5:51 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने तहलका मैगजीन के संस्‍थापक संपादक तरुण तेजपाल से पूछा, अगर आप दावा करते हैं कि आप पर लगाया गया यौन उत्‍पीड़न का आरोप गलत है तो आपने अपनी सहकर्मी से माफी क्‍यों मांगी? दरअसल, तेजपाल के वकील ने दलील दी थी कि वरिष्‍ठ पत्रकार पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद और झूठा है. इस पर शीर्ष अदालत ने पूछा कि अगर ऐसा है तो आपने करीब छह साल पहले कथित घटना के बाद महिला सहकर्मी को माफीनामा क्‍यों भेजा था.

बेंच ने कहा - निश्चित तौर पर कुछ तो गलत हुआ था 

तीन जजों की बेंच की अध्‍यक्षता कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि अगर कुछ नहीं हुआ था तो आपने माफीनामा नहीं लिखा होता. निश्चित तौर पर कुछ तो गलत हुआ था. बता दें कि तरुण तेजपाल की एक जूनियर ने आरोप लगाया था कि 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान गोवा के फाइव स्‍टार होटल की लिफ्ट में वरिष्‍ठ पत्रकार ने उसका यौन उत्‍पीड़न किया था. इस घटना के सामने आने के बाद आम लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. फिलहाल तरुण तेजपाल जमानत पर जेल से बाहर हैं.

तेजपाल के वकील ने दिया सीसीटीवी फुटेज का हवाला 

गोवा की एक अदालत के मामले में मुकदमा चलाए जाने के आदेश के बाद तरुण तेजपाल ने रेप के आरोपों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्‍होंने गुहार लगाई थी कि उनके खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया जाए. तेजपाल के वकील विकास सिंह ने होटल की लॉबी में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का हवाला देते हुए दलील दी कि फुटेज में शिकायतकर्ता वरिष्‍ठ पत्रकार के पीछे दौड़ती हुई दिख रही है. ऐसे तो कोई भी लिफ्ट में यौन उत्‍पीड़न किए जाने का आरोप लगा सकता है.

पुलिस पर लगाया व्‍हाट्सएप मेसेजेज नष्‍ट करने का आरोप 

वरिष्‍ठ वकील विकास सिंह ने पुलिस पर दोनों के बीच हुए कुछ व्‍हाट्सएप मेसेजेज नष्‍ट करने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा कि उन मेसेजेज से स्‍पष्‍ट हो जाता कि तरुण तेजपाल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं. गोवा पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्‍होंने कहा कि अभी ट्रायल शुरू होना है. अभी भी उसी समय की गई ई-मेल्‍स के तौर पर काफी दस्‍तावेज मौजूद हैं.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा - अभी शिकायत खारिज नहीं हो सकती 

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सिंह से कहा कि उन्‍हें अपनी दलीलें सुनवाई के लिए बचाकर रखनी चाहिए. फिलहाल मामला उस स्‍टेज पर नहीं है. इस स्‍टेज पर महिला की शिकायत खारिज नहीं की जा सकती. इसके बाद बेंच ने तेजपाल की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया. साथ ही कहा कि पीठ किसी के मुकदमे को नुकसान नहीं पहुंचाएगी.

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First published: August 6, 2019, 5:51 PM IST
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