फडणवीस ने उठाया सवाल, 'पवार घुसपैठिए बाबर के नाम पर क्यों बनवाना चाहते हैं मस्जिद'

फडणवीस ने उठाया सवाल, 'पवार घुसपैठिए बाबर के नाम पर क्यों बनवाना चाहते हैं मस्जिद'
पवार ने केंद्र सरकार से मस्जिद के लिए ट्रस्ट बनाने की मांग की थी (फाइल फोटो)

20 फरवरी को लखनऊ (Lucknow) में बोलते हुए, पवार ने केंद्र सरकार (Central Government) से मांग की थी कि विश्वास बढ़ाने के कदम के तौर पर राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए बने ट्रस्ट की तरह से ही मस्जिद के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट (Trust) का निर्माण होना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2020, 9:59 PM IST
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मुंबई. वरिष्ठ भाजपा नेता (BJP Leader) और महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) पर उनके अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए राम मंदिर (Ram Mandir) के ट्रस्ट की तर्ज पर ट्रस्ट बनाने की मांग के बयान पर हमला बोला है.

महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) के बजट सत्र की शाम को रिपोर्टरों से बात करते हुए फडणवीस (Fadanvis) ने पूछा कि क्यों पवार बाबर जैसे एक घुसपैठिए के नाम पर एक मस्जिद का निर्माण करवाना चाहते हैं.

'मुस्लिमों को प्रार्थना स्थल मिलना चाहिए लेकिन बाबर के नाम पर क्यों?'
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने कहा, "बाबर (भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल राजवंश का पहला बादशाह) एक घुसपैठिया था. आखिर क्यों NCP प्रमुख शरद पवार बाबर के नाम पर एक नई मस्जिद खड़ी करना चाहते हैं? अगर मुस्लिमों को प्रार्थना के लिए जगह की जरूरत है, उन्हें ऐसा प्रार्थना स्थल मिलना चाहिए लेकिन आखिर बाबर के नाम पर क्यों?" 20 फरवरी को लखनऊ (Lucknow) में बोलते हुए पवार ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि विश्वास बढ़ाने के एक कदम के तौर पर राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए बने ट्रस्ट की तर्ज पर मस्जिद के निर्माण के लिए भी एक ट्रस्ट का निर्माण होना चाहिए.



'मस्जिद के लिए किया जाना है वक्फ का निर्माण फिर क्यों कही गई ट्रस्ट निर्माण की बात'


फडणवीस ने कहा, मुझे इस पर भी आश्चर्य होता है कि पवार ने मस्जिद के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट (Trust) के निर्माण की बात क्यों की जब वे जानते हैं कि उसके लिए वक्फ का निर्माण किया जाना है.

नवंबर, 2019 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की एक पांच जजों की बेंच ने एकमत से अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था. कोर्ट ने कहा था कि यह पूरी विवादित जमीन 2.7 एकड़ में फैली हुई है, जिसे सरकार द्वारा बनाए गए एक ट्रस्ट को दे दिया जाना चाहिए. जो कि इस बात की जांच करेगा कि राम मंदिर का निर्माण कहां पर किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 फरवरी को श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी, जो राम मंदिर के निर्माण की देखरेख करेगा.

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First published: February 23, 2020, 6:51 PM IST
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