टीके की कमी की नहीं बल्कि इस वजह के चलते कोविशील्ड की दो डोज में बढ़ाया गया गैप

कोरोना-रोधी वैक्सीन कोविशील्ड. (फाइल फोटो)

कोरोना-रोधी वैक्सीन कोविशील्ड. (फाइल फोटो)

Coronavirus Vaccine: कोविशील्ड की दो खुराक के बीच गैप इसे ज्यादा असरदार बनाने के लिए बढ़ाया गया है. टीका लोगों में ज्यादा असर करे इसके लिए यूके में अप्रैल के आखिरी हफ्ते में जो परिणाम आए उसमें तीन से चार महीने में टीका लगाने से कोविशील्ड का प्रभाव बेहतर होता है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविशील्ड का टीका (Covishield Vaccine) लोगों पर ज्यादा असरदार हो इसलिए इसकी दोनों खुराक के बीच अंतराल को बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ता किया गया है. ये फैसला एक स्टडी के आधार पर किया गया है. स्टडी में पाया गया है कि अगर कोविशील्ड की दूसरी खुराक (Covishield Vaccine Second Dose) 12 से 16 हफ्ते बाद ली जाए तो ये 85% असरदार होगी. जबकि अभी ये 79% असरदार है.

कोविशील्ड की दो खुराक के बीच गैप इसे ज्यादा असरदार बनाने के लिए बढ़ाया गया है. टीका लोगों में ज्यादा असर करे इसके लिए यूके में अप्रैल के आखिरी हफ्ते में जो परिणाम आए उसमें तीन से चार महीने में टीका लगाने से कोविशील्ड का प्रभाव बेहतर होता है. स्टडी में पाया गया है कि भारत मे NTAGI यानी नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन के सदस्य एन के अरोड़ा ने बताया कि कोविशील्ड अभी 6 से 8 हफ्ते के गैप में दूसरी डोज दी जा रही है जो 79% तक प्रभावी है, लेकिन जब इसे 12 से 16 हफ्ते के अंतराल में दिया जाएगा तो ये 85 % तक असरदार होगी.

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कोविशील्ड की दोनों खुराक लेने वाले लोग न हों परेशान
लेकिन जो लोग कोविशील्ड की दोनों खुराक ले चुके हैं उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन के सदस्य एनके अरोड़ा के मुताबिक कोविशील्ड की दोनों खुराक के बीच गैप बढ़ने से अभी के मुकाबले 6% ज्यादा असरदार होगी. इसका मतलब ये है कि जिन्होंने पहले ही कोविशील्ड की दोनों खुराक ले ली है उन्हें किसी भी तरह से चिंता करने की जरूरत नहीं है. एनके अरोड़ा ने बताया कि इस गैप को बढ़ाने से एंटीबॉडी में 40 से 50 % तक इजाफा होगा. अगर किसी को कोरोना का इंफेक्शन हो जाए तो एंटीबॉडी 3 महीने से लेकर 9 महीने तक रहती है. जबकि टीका लगने के बाद एंटीबॉडी कई गुना ज्यादा प्रोड्यूस होती है और लंबे समय तक रहती है.

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वैक्सीन को लेकर बना नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम, जल्द आएगी स्टडी रिपोर्ट



भारत में कोरोना वैक्सीन कितनी प्रभावी है और वैक्सीन लगने के बाद ब्रेकथ्रू इंफेक्शन की क्या संभावना है वैक्सीन के डोजेज के बीच गैप बढ़ने पर इसका जमीनी स्तर पर क्या असर होगा. ये सब जानने के लिए एक नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम बना है.जिसकी अगले चार हफ्ते में स्टडी रिपोर्ट आएगी.


नेशनल ट्रैकिंग सिस्टम के ज़रिए ये भी देखा जा रहा है कि वैक्सीन लेने के बाद कितने लोग बीमार पड़ रहे हैं और अगर बीमार पड़ रहे हैं तो उसकी गंभीरता कितनी है. इस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से ये भी पता लगाया जा रहा है कि जिन्हें वैक्सीन लगी या जिन्हें नहीं लगी और टीके की अगर एक खुराक लगी तो बीमारी की गंभीरता क्या है. दो डोज लगी तो बीमारी की गंभीरता क्या है. और अगर टीका नहीं लगा तो बीमारी की गंभीरता क्या है? इस ट्रैकिंग सिस्टम के ज़रिए एक मुकम्मल पता चलेगा और हर हफ्ते या दो हफ्ते में एक बुलेटिन भी जारी किया जाएगा.

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