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कोविशील्ड के 2 डोज के बीच 2 महीने का अंतराल, समझिए सरकार ने क्यों किया ऐसा

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की नई लहर को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जानी चाहिए. फाइल फोटो

विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की नई लहर को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जानी चाहिए. फाइल फोटो

Coronavirus Vaccination: केंद्र सरकार ने अपनी एडवायजरी में कहा है कि कोविशील्ड की पहली डोज के बाद 4 से 8 हफ्ते के भीतर लोगों को दूसरी डोज दी जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 6:17 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कोविशील्ड की दो खुराक के बीच समयांतराल को बढ़ाने को कहा है. देश भर में कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सिन का इस्तेमाल किया जा रहा है. 16 जनवरी 2021 को देश में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के साथ साझे में बनाई गई सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड और स्वदेशी कंपनी भारत बायोटेक की कोवैक्सिन वैक्सीन के साथ कोरोना वायरस टीकाकरण शुरू हुआ. टीकाकरण के पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों को वैक्सीन की खुराक दी गई. वहीं दूसरे चरण में 1 मार्च से 60 से ऊपर और 45 साल के गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का टीकाकरण चल रहा है. केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उसकी एडवायजरी सिर्फ कोविशील्ड के लिए है.

केंद्र सरकार ने क्यों लिया ये फैसला
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए अपने पत्र में केंद्र सरकार ने कहा है कि इम्युनाइजेशन पर गठित नेशनल टेक्निकल एडवायरजी ग्रुप और वैक्सीन के लिए गठित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने देश भर में टीकाकरण के लिए जिस समयांतराल का पालन किया जा रहा है, उस पर पुनर्विचार किया है. केंद्र सरकार ने कहा है कि कुछ नए वैज्ञानिक सबूत उभर कर सामने आए हैं. केंद्र ने अपनी एडवायजरी में कहा है कि दो विशेषज्ञ समूहों ने कोविशील्ड के लिए समयांतराल को पहले 4 से 6 हफ्ते रखने को कहा था, लेकिन अब इस टाइम ट्रैवल को 4 से 8 हफ्ते कर दिया गया है.

केंद्र सरकार ने दोनों विशेषज्ञ समूहों की सिफारिश को मान लिया है और इस बारे में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एडवायजरी जारी की है, जिसके तहत कोविशील्ड की पहली डोज के बाद 4 से 8 हफ्ते के भीतर लोगों को दूसरी डोज दी जाए.
समयांतराल को बढ़ाने का मकसद क्या?


केंद्र सरकार ने कहा है कि वैज्ञानिकों प्रमाणों से इस बात का पता चला है कि अगर कोविशील्ड की दूसरी खुराक 6 से 8 हफ्ते के भीतर दी जाए तो इसका प्रभाव ज्यादा बेहतर तरीके से काम करता है, लेकिन दूसरी खुराक में 8 हफ्ते से ज्यादा का समयांतराल नहीं होना चाहिए. पुणे स्थित विश्व की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत में वैक्सीन निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ हाथ मिलाया है.

वैक्सीन की 12 करोड़ खुराक का नया ऑर्डर
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस साल जनवरी में कोविशील्ड वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी, जिसके बाद पुणे से वैक्सीन की डोज देश के अन्य हिस्सों में भेजी गईं. केंद्र सरकार ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को कोरोना वायरस वैक्सीन की 12 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया है. 12 करोड़ में से 10 करोड़ कोविशील्ड वैक्सीन की खुराक होगी और बाकी खुराक कोवैक्सिन की होगी.

भारत सरकार की योजना जुलाई के अंत तक 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक देने की है. इनमें स्वास्थ्य कर्मचारियों, फ्रंटलाइन कर्मचारियों के साथ गंभीर बीमारियों वाले मरीज भी शामिल हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की नई लहर को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जानी चाहिए.

देश में अब तक 4.50 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन दी गई है. इसके लिए 7.3 लाख से ज्यादा सेशन आयोजित किए गए हैं. टीकाकरण अभियान के 65वें दिन कुल 4 लाख 62 हजार 157 लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई.
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