Home /News /nation /

सरकार आखिर क्यों बढ़ा रही लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र, जानें इस सुधार से क्या होगा फायदा

सरकार आखिर क्यों बढ़ा रही लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र, जानें इस सुधार से क्या होगा फायदा

हिंदू विवाह अधिनियम में जहां पुरुष की आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष बताई गई है वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ में कहा गया है कि विवाह उस नाबालिग के साथ किया जा सकता है जिसने युवावस्था हासिल कर ली हो

हिंदू विवाह अधिनियम में जहां पुरुष की आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष बताई गई है वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ में कहा गया है कि विवाह उस नाबालिग के साथ किया जा सकता है जिसने युवावस्था हासिल कर ली हो

The prohibition of child marriage (amendment) bill 2021: पिछले साल अपने केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जैसे जैसे भारत विकास करता है महिलाओं के लिए भी मौके खुलेंगे. ऐसे में जरूरी है कि उनके पोषण स्तर में सुधार के साथ साथ एमएमआर को भी करने पर ध्यान दिया जाए. एक लड़की कब मां बनती है, उसके लिए वह मानसिक तौर पर कितनी परिपक्व है इस पर भी गौर करने की ज़रूरत है.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. भारत में महिलाओं के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 18 साल 1978 में की गई थी. केंद्र अब इसे बढ़ाकर 21 करने जा रही है. इस तरह का बदलाव महिलाओं के मामले में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है. इससे महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य, आर्थिक औऱ शैक्षणिक स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सकती है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि मौजूदा कानून में विवाह की उम्र में सुधार के बाद भी बहुत कुछ रह जाता है. आइए समझते हैं क्या होगा इसमें सुधार से फायदा…

    प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले की प्राचीर से संदेश देते हुए कहा था कि जब कभी भी महिलाओं को मौका मिला है उन्होंने भारत को ताकत दी है और गौरवान्वित कराया है. और अब उन्हें स्वरोजगार औऱ रोजगार के मामले में बराबरी देने का फैसला लेने का वक्त आ गया है. उन्होंने देश की बहन बेटियों के स्वास्थ्य पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अपनी बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी है कि उनका विवाह सही उम्र में किया जाए. उनकी सरकार ने इसके लिए एक समिति की स्थापना की है जो इस सवाल का सही जवाब तलाश रही है जिसके बाद इसे लेकर उचित फैसला लिया जाएगा. बाद में इस समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी. इस समिति में समता पार्टी प्रमुख जया जेटली सहित नीति आयोग के डॉ. विनोद पॉल सदस्य के तौर पर थे. इसमें शादी की उम्र और मां की सेहत, चिकित्सा कल्याण औऱ पोषण के सबंध में जांच करना शामिल था. इसके अलावा अन्य मापदंडों में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर), कुल प्रजनन दर (टीएफआर), शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) जैसे विषयों को भी शामिल किया गया था. इसके साथ ही महिलाओं में उच्च शिक्षा को लेकर सुझाव देने की बात भी कही गई थी.

    पिछले साल अपने केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जैसे जैसे भारत विकास करता है महिलाओं के लिए भी मौके खुलेंगे. ऐसे में जरूरी है कि उनके पोषण स्तर में सुधार के साथ साथ एमएमआर को भी करने पर ध्यान दिया जाए. एक लड़की कब मां बनती है, उसके लिए वह मानसिक तौर पर कितनी परिपक्व है इस पर भी गौर करने की ज़रूरत है.

    ये भी पढ़ें- लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष करने का बिल संसद की स्थायी समिति को भेजा गया

    महिलाओं की शादी की उम्र का अध्ययन करने के लिए समिति की सिफारिश
    रिपोर्ट बताती है कि स्वास्थ्य, कानून, महिला और बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों से जुड़ी टास्क फोर्स का विचार था कि पहली गर्भावस्था के दौरान महिला की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट में जया जेटली के हवाले से मालूम चलता है कि सिफारिश के पीछे जनसंख्या नियंत्रण वजह कभी नहीं रही थी, लेकिन महिला सशक्तिकरण एक अहम वजह थी. वहीं समिति ने कानून को प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा और रोजगार को बेहतर करने की बात रखी. जया जेटली ने कहा कि भारत में प्रजनन दर पहले से ही कम है ऐसे में आबादी के बढ़ने वाली दिक्कत तो नहीं है. विश्व बैंक के मुताबिक 15 साल या उससे ऊपर की उम्र की 5 लड़कियों में से एक काम कर रही है. यह वैश्विक औसत का 50 फीसद से बहुत कम था. वहीं पुरुषों में यह दर 75 फीसद से ऊपर थी.

    बढ़ी हुई न्यूनतम विवाह उम्र कैसे लागू की जाएगी
    केंद्रीय कैबिनेट का कहना है कि महिलाओं की विवाह उम्र में सुधार के प्रस्ताव के लिए मंजूरी दे दी गई है. आगे बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, विशेष विवाह अधिनियम और विशेष विवाह अधिनियम के संबंधित हिस्सों में सुधार के लिए एक विधेयक को संसद में पेश किया गया है. इस विधेयक को संसद की स्थायी समिति के पास भेज दिया गया है. इसे लेकर हिंदू विवाह अधिनियम में जहां पुरुष की आयु 21 वर्ष और महिला की 18 वर्ष बताई गई है वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ में कहा गया है कि विवाह उस नाबालिग के साथ किया जा सकता है जिसने युवावस्था हासिल कर ली हो.

    Tags: Marriage, Narendra modi, Nirmala sitharaman

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर