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कब शुरू होगा बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान, केंद्र क्यों बरत रहा है इतनी सावधानी?

कब शुरू होगा बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान, केंद्र क्यों बरत रहा है इतनी सावधानी?

भी केवल जायडस कैडिला की डीएनए बेस्ड कोविड 19 वैक्सीन ही है जिसे बच्चों के लिए आपातकालीन टीकाकरण की मंजूरी मिली है. (फाइल फोटो)

भी केवल जायडस कैडिला की डीएनए बेस्ड कोविड 19 वैक्सीन ही है जिसे बच्चों के लिए आपातकालीन टीकाकरण की मंजूरी मिली है. (फाइल फोटो)

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को साफ तौर पर यह निर्देश दिए हैं कि बच्चों को टीका लगाने के अभियान में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहिए.

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    नई दिल्ली: कोरोना महामरी (Corona Pandemic) के खिलाफ भारत तेजी से वैक्सीनेशन अभियान (Vaccination Campaign) को चला रहा है. देश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. देश अगल दो तीन दिन के अंदर 100 करोड़ वैक्सीनेशन के आंकड़े को भी छू लेगा. जहां एक तरफ हर दिन नई रफ्तार के साथ वैक्सीनेशन (Covid-19 Vaccination) अभियान चालू है वहीं अब सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination For Children) शुरू करने की योजना भी बना रही है. कुछ दिन पहले एक विशेष पैनल ने भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन को 2-18 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों के लिए आपातकालीन उपयोग की सिफारिश की थी.

    सरकार के पास बच्चों के लिए वैकसीन के विकल्प उपलब्ध हो चुके हैं लेकिन केंद्र सरकार किसी भी बड़े कदम को उठाने से पहले पूरी सावधानी बरत रही है. सरकार बच्चों को लगाई जाने वाली वैक्सीन पर वैज्ञानिक सलाह ले रही है और वैश्विक रुझानों को भी समझ रही है.

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को साफ तौर पर यह निर्देश दिए हैं कि बच्चों को टीका लगाने के अभियान में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करना चाहिए. इसके साथ ही विशेषज्ञों के एक पैनल ने भी टीकाकरण के लिए गठित राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह को टीकाकरण की अंतिम योजना प्रस्तुत करने से पहले सभी पक्षों जांचने और समझन के लिए कहा गया है.

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    जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को विकसित देशों में बच्चों को दिए जाने वाले टीके की धीमी गति के पीछे के कारणों का अध्ययन करने को कहा गया है. NTAGI ने एक अधिकारी ने न्यूज 18 को बताया कि हमें यह निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान शुरू करने में में जल्दबाजी नहीं करना है. हमें सभी तरह के वैज्ञानिक पहलुओं को जानकर एक मजबूत निर्णय लेने की जरूरत है.

    आपको बता दें कि अभी केवल जायडस कैडिला की डीएनए बेस्ड कोविड 19 वैक्सीन ही है जिसे बच्चों के लिए आपातकालीन टीकाकरण की मंजूरी मिली है. जायडस की यह वैक्सीन 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को दि जाएगी.

    Zydus Cadila की ZyCoV-D कोरोना वैक्सीन का भारत में तीन चरण का ट्रायल हुआ है. यह ट्रायल 28000 हजार से अधिक लोगों पर किया था जो कि अभी तक भारत में अब तक का सबसे बड़ा टीका परीक्षण है. Zydus ने डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के साथ मिलकर बनाई है

    Tags: Corona vaccination, COVID 19, Covid-19 Vaccinations

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