ग्राउंड एक्सपर्ट से जानिए, क्यों कोरोना से महाराष्ट्र हुआ इतनी बुरी तरह प्रभावित

बड़ी संख्या में लोग मुंबई से अपने शहरों को वापस लौट रहे हैं. (तस्वीर-AP)

बड़ी संख्या में लोग मुंबई से अपने शहरों को वापस लौट रहे हैं. (तस्वीर-AP)

देश में अब तक आए कुल 1.29 करोड़ कोरोना मामलों में अकेले महाराष्ट्र (Maharashtra Covid) से 32 लाख से ज्यादा केस आए हैं. यानी तकरीबन हर चौथा संक्रमित महाराष्ट्र से है. आखिर महाराष्ट्र में ही कोरोना इतनी बुरी तरह क्यों फैला? पहली लहर हो या दूसरी, महाराष्ट्र सर्वाधिक प्रभावित रहा है.

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मुंबई. भारत में इस वक्त कोरोना की दूसरी लहर (Covid-19 Second Wave) में कई राज्यों में केस तेजी के साथ बढ़ रहे हैं लेकिन महाराष्ट्र (Maharashtra) की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है. देश में अब तक आए कुल 1.29 करोड़ कोरोना मामलों में अकेले महाराष्ट्र से 32 लाख से ज्यादा केस आए हैं. यानी तकरीबन हर चौथा संक्रमित महाराष्ट्र से है. आखिर महाराष्ट्र में ही कोरोना इतनी बुरी तरह क्यों फैला? पहली लहर हो या दूसरी, महाराष्ट्र सर्वाधिक प्रभावित रहा है.

इस गुत्थी को स्टेप-बाई-स्टेप समझा जा सकता है. पहला कारण तो ये हो सकता है कि महाराष्ट्र में देश की अच्छी-खासी आबादी रहती है. महाराष्ट्र आबादी के मामले में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है. इसलिए सघन बस्तियों को भी कोरोना फैलने का एक कारण माना जा सकता है. क्योंकि इस महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी बताई जाती रही है. लेकिन दूसरा सवाल यह भी उठता है कि फिर उत्तर प्रदेश में कम मामले क्यों सामने आ रहे हैं? अगर अधिक जनसंख्या पैमाना है तो फिर यूपी सर्वाधिक प्रभावित होना चाहिए.

रिसर्च पेपर में छुपा है असली तर्क

इसके पीछे का तर्क एक रिसर्च पेपर से समझा जा सकता है. डेंगू के एक्सपर्ट Duane Gubler ने अपने पेपर ‘Dengue, Urbanization, and Globalisation – Unholy Trinity of 21st Century’ में शहरीकरण को डेंगू फैलने में बड़ा कारक माना है. यह बात कोविड-19 के मामले में भी सच साबित होती है.
महाराष्ट्र का शहरीकरण और कोरोना के अधिक मामले

हम यह बात महसूस कर सकते हैं कि कोविड-19 अभी तक सामान्य तौर पर शहरों में ही अधिक प्रभावी है. महाराष्ट्र में आधे से अधिक केस चार बड़े शहरों मुंबई, पुणे, थाने और नागपुर से सामने आए हैं. महाराष्ट्र देश में सर्वाधिक शहरीकरण वाले राज्य के रूप देखा जाता है. यहां तकरीबन 50 प्रतिशत शहरीकरण हुआ है. महाराष्ट्र के शहरीकण की तुलना केरल और तमिलनाडु से की जा सकती है. वहीं यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्यों में अपेक्षाकृत शहरीकण काफी कम हुआ है. और फिर आप महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु में कोरोना के मामले भी देख सकते हैं.

वैश्विक रूप से भी इसे समझा जा सकता है



वैश्विक तौर पर हम देख रहे हैं सबसे ज्यादा विकसित और शहरीकरण वाले देशों में कोरोना का प्रभाव सर्वाधिक है. इसके अलावा किसी भी उस राज्य में ज्यादा केस सामने आएंगे जहां पर टेस्टिंग और अन्य सर्विलांस सिस्टम बेहतर काम कर रहे होंगे. अगर बीते वर्षों में देखें तो महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू और डेंगू के भी मामले ज्यादा सामने आए.

(DR PRADIP AWATE का ये पूरा लेख मूल रूप यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)
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