Covid-19: उत्तर-पूर्वी राज्यों में बिगड़ रहे हालात! ऑक्सीजन सप्लाई के पर्याप्त बिजली का भी अभाव

असम में बीते महीने मामलों में इजाफा होना शुरू हो गया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: News18 English)

Coronavirus in Notheasters States: राज्य में संक्रमण की दर में इजाफे के साथ वैक्सिनेशन (Vaccination) के आंकड़ों में गिरावट हो रही है. पहले इन इलाकों में कोविड-19 की इतनी मौजूदगी नहीं थी और कई लोगों ऐसे व्यवहार करते थे कि कोरोना है ही नहीं.

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    गुवाहाटी. कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की दूसरी लहर का कहर जारी है. अब इसका सबसे ज्यादा असर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में नजर आना शुरू हो गया है. बीते मंगलवार को देश के 8 राज्यों में कोविड के मामलों में बढ़त दर्ज की गई. इनमें से 6 राज्य उत्तर-पूर्व के हैं. इस दौरान सबसे ज्यादा बुरे हालात असम (Assam) में तैयार होते नजर आ रहे हैं. ऐसे में सरकार राज्य में जागरूकता के साथ-साथ दूसरी लहर (Second Wave) के प्रभाव को कम करने में जुटी हुई है.

    असम में बीते महीने मामलों में इजाफा होना शुरू हो गया था. 6 हजार 221 ने मामलों को मिलाकर राज्य में कुल मरीजों की संख्या 3 लाख 75 हजार 404 पर पहुंच गई है. फिलहाल जानकारों ने आशंका जताई है कि देश के किसी अन्य हिस्से की तुलना में असम में मामले सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ सकते हैं. साथ ही हाल ही में संपन्न हुए चुनाव और राजनीतिक रैलियों को भी इनका जिम्मेदार माना जा रहा है.

    स्वास्थ्य व्यवस्थाओं ने डराया
    देश के दूसरे समृद्ध राज्यों के अस्पतालों की हालत को देखकर असम में अब अधिकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारी में जुटे हैं. राज्य के नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक डॉक्टर लक्षमणन एस ने बताया कि हम हर हफ्ते एक हजार बिस्तर बढ़ा रहे हैं. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने सोमवार को कहा कि 15 जून तक गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में 200 ICU बिस्तर बढ़ाए जाएंगे.



    राज्य के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ICU बिस्तरों की संख्या 220 हो गई है. वहीं, अधिकारी अस्पतालों के पार्किंग इलाकों में 200 बिस्तरों की व्यवस्था कर रहे हैं. 430 बिस्तरों के साथ फुटबॉल और क्रिकेट के मैदानों को अस्पताल बना दिया है. गुवाहाटी की रॉयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को 1 हजार बिस्तरों वाले अस्पताल में तब्दील किया गया है.

    राज्य इन जगहों पर डॉक्टर, स्वास्थकर्मियों और दवाएं भेज रहा है. साथ ही यूनिवर्सिटी ने कहा है कि वे मरीजों को पढ़ने के लिए किताबें और अखबार मुहैया कराएंगे. विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉक्टर ऐके पंसारी ने कहा कि हमारे देश के इतने बड़े संकट के समय में हम इतना तो कर ही सकते हैं.

    टीकाकरण को लेकर भी मुश्किलें बरकरार
    राज्य में संक्रमण की दर में इजाफे के साथ वैक्सिनेशन के आंकड़ों में गिरावट हो रही है. पहले इन इलाकों में कोविड-19 की इतनी मौजूदगी नहीं थी और कई लोगों ऐसे व्यवहार करते थे कि कोरोना है ही नहीं. लेकिन अब ऐसा लगता है कि वायरस दूर-दराज के इलाकों में भी फैल रहा है. अरुणाचल प्रदेश में जिला अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर मीटे लिंगी के मुताबिक, सीमित मेडिकल व्यवस्थाओं के बाद सबसे ज्यादा बिजली कटौती ने डराया है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई के लिए बिजली जरूरी है. बिजली आने और जाने के दौरान मरीज हांफते हैं.