जिनपिंग से नेतन्याहू तक: हर 'मेहमान' को अहमदाबाद क्यों ले जाते हैं मोदी?

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू 14 से 18 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे.

News18Hindi
Updated: January 14, 2018, 10:59 AM IST
जिनपिंग से नेतन्याहू तक: हर 'मेहमान' को अहमदाबाद क्यों ले जाते हैं मोदी?
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू 14 से 18 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे.
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Updated: January 14, 2018, 10:59 AM IST
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू 14 से 18 जनवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे. इज़रायल पीएम का दिल्ली, मुंबई, आगरा के अलावा अहमदाबाद में मुख्य कार्यक्रम है. पीएम नरेंद्र मोदी खुद अपने इज़रायल समकक्ष की आगवानी करेंगे. 17 जनवरी को अहमदाबाद में पीएम मोदी और इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का रोड शो होगा.

वैसे बेंजामिन नेतन्याहू ऐसे पहले राष्ट्राध्यक्ष नहीं हैं, जिनकी अहमदाबाद में मेजबानी हो रही है. इसके पहले पीएम मोदी अहमदाबाद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापान के पीएम शिंजो आबे की मेजबानी कर चुके हैं. आखिर ऐसी क्या वजह है कि पीएम मोदी भारत दौरे पर आए राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी अहमदाबाद में जरूर करते हैं?

क्या है वजह?
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के लिए अहमदाबाद बहुत खास रहा है. अहमदाबाद को दिल्ली के बाद देश की दूसरी राजधानी के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये पीएम मोदी की एक रणनीति है. वह विश्व के नेताओं को उन विकास परियोजनाओं से वाकिफ कराना चाहते हैं, जिनकी शुरुआत उन्होंने अहमदाबाद में सीएम रहते हुए की थीं.

2014 में भारत आए थे शी जिनपिंग
सितंबर 2014 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत का दौरा किया था. तब साबरमती रिवरफ्रंट में झूले पर बैठे पीएम मोदी और जिनपिंग की तस्वीरें दुनियाभर के अखबारों में छपी थी. देश-दुनिया के न्यूज चैनलों ने इसे कवर किया था. इसके दूसरे दिन नई दिल्ली में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता की. लेकिन, तब भी टेलीविजन चैनलों पर साबरमती रिवरफ्रंट की तस्वीरें ही छाई रही.

2017 में हुआ जापान के पीएम का भारत दौरा
इसके बाद सितंबर 2017 में जापान के पीएम शिंजो आबे भारत दौरे पर आए. तब भी अहमदाबाद में ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने का कार्यक्रम रखा गया. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी माना जाता है, लेकिन पीएम मोदी के राज्य को आर्थिक राजधानी मुंबई से ज्यादा तवज्जो मिली. यही नहीं, सिद्धि सैयद मस्जिद जाने के लिए आबे के काफिले को साबरमती रिवरफ्रंट से होकर गुजारा गया, ताकि उन्हें इस प्रोजेक्ट की झलक दिखाई जा सके.

हाल में गुजरात चुनाव प्रचार के आखिरी दिन पीएम मोदी ने फिर से साबरमती रिवरफ्रंट को चुना. यहीं से पीएम के सीप्लेन ने टेक ऑफ किया और लैंडिंग हुई. इसके जरिए पीएम और बीजेपी ने यह बताया कि गुजरात में बेहतर परिवहन की संभावनाएं हैं.

गुजरात मॉडल को प्रमोट करना है मकसद
सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल कमेंटेटर दर्शन देसाई के मुताबिक, " राजधानी दिल्ली के बजाय अहमदाबाद और गांधीनगर में राष्ट्राध्यक्षों की मेजबानी करना पीएम मोदी की एक दूरगामी रणनीति है. ये रणनीति अहमदाबाद की विकास परियोजनाओं का प्रदर्शन और पीएम मोदी के गुजरात मॉडल को प्रमोट करने के बारे में है."

देसाई ने बताया कि जब मोदी गुजरात के सीएम थे, तब स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर गांधीनगर में मनाए जाते थे. अब पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी इसी रणनीति पर काम कर रहे हैं.

क्या है बेंजामिन नेतन्याहू का पूरा शेड्यूल?
-इज़राइल के पीएम 14 जनवरी की दोपहर 1:30 बजे तक नई दिल्ली पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी खुद नेतन्याहू की आगवानी करेंगे.
-दोपहर 1.50 बजे दोनों नेता तीन मूर्ति चौक पर जाएंगे. जहां उन्हें एक समारोह में शिरकत करनी है. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और नेतन्याहू तीन मूर्ति मेमोरियल के विज़िटर्स बुक में साइन भी करेंगे. बता दें कि तीन मूर्ति मेमोरियल की तीनों मूर्तियां तांबे की बनी हैं और हैदराबाद, जोधपुर और मैसूर लेंसर्स को रि-प्रेजेंट करती हैं.
-शाम को इज़राइल के पीएम और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मुलाकात भी हो सकती है.
-इसके बाद 15 जनवरी को हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और इजरायली पीएम के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी.
-16 जनवरी को नेतान्याहू ताजमहल देखने आगरा जाएंगे.
-17 जनवरी को वह पीएम मोदी के साथ अहमदाबाद आएंगे. यहां दोनों नेता रोड शो कर सकते हैं.
-18 जनवरी को इज़राइली पीएम नई दिल्ली से अपने देश लौट जाएंगे.

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