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महाराष्ट्र: NCP को दिए समय से पहले क्यों लगा राष्ट्रपति शासन, गृह मंत्रालय ने दिया ये जवाब

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Updated: November 13, 2019, 7:18 AM IST
महाराष्ट्र: NCP को दिए समय से पहले क्यों लगा राष्ट्रपति शासन, गृह मंत्रालय ने दिया ये जवाब
गृह मंत्रालय के अनुसार, राज्यपाल ने तभी राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की, जब उन्होंने देखा कि महाराष्ट्र में कोई भी पार्टी या गठबंधन सरकार बनाने में सक्षम नहीं है.

गृह मंत्रालय (Home ministry) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये घोषणा संविधान के आर्टिकल 356(1) के तहत की गई है. महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन (President Rule in Maharashtra) लागू होगा. ये निर्णय तब लिया गया जब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshiyari) ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी कि कोई भी पार्टी और गठबंधन राज्य में सरकार गठन करने में सक्षम नहीं है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 7:18 AM IST
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नई दिल्ली. करीब 15 दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी जब महाराष्ट्र में सरकार का गठन नहीं हो पाया तो राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की अनुशंसा के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति शासन की मंजूरी मिल गई. गृह मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये घोषणा संविधान के आर्टिकल 356(1) के तहत की गई है. महाराष्ट्र में अब राष्ट्रपति शासन लागू होगा. ये निर्णय तब लिया गया जब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी कि कोई भी पार्टी और गठबंधन राज्य में सरकार गठन करने में सक्षम नहीं है.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने CNN News18 से बातचीत में कहा, राज्यपाल ने सरकार बनाने के सभी प्रयास देखे, लेकिन किसी को भी कामयाबी नहीं मिली. इसके बाद जब ये लगा कि राज्य में स्थिर सरकार बनाने में कोई कामयाब नहीं होगा, तब राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई. उधर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने इस कदम के लिए राज्यपाल की आलोचना की है. उनके अनुसार एनसीपी के पास मंगलवार शाम 8.30 बजे तक का समय था. इसके बावजूद राज्यपाल ने ये कदम उठाया.

राज्यपाल की आलोचनाओं पर गृहमंत्रालय ने दिया जवाब
कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, राष्ट्रपति शासन आखिरी विकल्प होता है. उन्होंने कहा, इसमें बहुत अंतर होता जब एक पार्टी कहती है कि हम सरकार नहीं बना सकते और दूसरी कहती है कि हम बना सकते हैं, लेकिन हमें समय चाहिए. राज्यपाल की आलोचनाओं पर गृह मंत्रालय ने कहा, राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा तब की जब मंगलवार को एनसीपी नेताओं ने सरकार गठन के लिए तीन दिन का समय और मांगा. राज्यपाल का पत्र मिलने के बाद कैबिनेट मीटिंग हुई. इसमें राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की गई.

जो पार्टी नंबर लेकर सामने आएगी राष्ट्रपति शासन हटाने पर विचार तभी होगा
गृह मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, राज्यपाल ने तभी राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की, जब उन्होंने देखा कि महाराष्ट्र में कोई भी पार्टी या गठबंधन सरकार बनाने में सक्षम नहीं है. राष्ट्रपति शासन पर उस समय विचार किया जाएगा जब कोई पार्टी पूरे नंबर लेकर सामने आएगी. हालांकि शिवसेना इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का मन बना चुकी है.

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First published: November 12, 2019, 7:52 PM IST
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