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Japan-India Summit: शिखर सम्मलेन टालने के पीछे यह है खास वजह

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Updated: December 13, 2019, 3:35 PM IST
Japan-India Summit: शिखर सम्मलेन टालने के पीछे यह है खास वजह
मोदी-आबे के बीच यह शिखर वार्ता गुवाहाटी में होने वाली थी.

भारत ने शुक्रवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के उनके समकक्ष शिंजो आबे के बीच होने वाला सालाना शिखर सम्मेलन स्थगित हो गया है. यह शिखर वार्ता गुवाहाटी में होने वाली थी.

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  • Last Updated: December 13, 2019, 3:35 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship amendment bill 2019) के खिलाफ असम (Assam) में उपजे असंतोष के बाद जापान-भारत समिट (India Japan Summit) को टाल दिया गया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह फैसला दोनों देशों की बातचीत और आपसी सहमति से हुआ है. यह बैठक गुवाहाटी (Guwahati) में होनी थी. News18 को सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस समिट की तारीखें आने वाले समय में साझा की जाएंगी. उन्होंने कहा कि जापानी पक्ष ने सुरक्षा का मामला उठाया क्योंकि असम जाने वाली उड़ानें रद्द होने के कारण गुवाहाटी तक पहुंचना टीमों के लिए मुश्किल हो रहा था. उन्होंने कहा कि जो लोग गुवाहाटी पहुंचे थे, वे शहर में अशांति के कारण वेन्यू और होटल तक पहुंचने में असमर्थ थे.

इस बीच कार्यक्रम स्थल को दिल्ली स्थानांतरित करने पर चर्चा की गई, लेकिन इसे दो कारणों से खारिज कर दिया गया. सबसे पहले विजिटिंग टीम को लॉजिस्टिक्स और प्री-विजिट सिक्योरिटी रिकेस और अन्य पहलुओं को पर ध्यान देना था जिसके लिए समय बहुत सीमित था.

एक्ट ईस्ट पॉलिसी से हटता ध्यान
दूसरा गुवाहाटी को को चुनने के पीछे विचार 'एक्ट ईस्ट' नीति का उद्देश्य था. भारत-जापान एक्ट ईस्ट फोरम साल 2017 में अस्तित्व में आया जब आबे पिछली बार वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे.

इस फोरम का काम भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक आधुनिकीकरण के लिए विशिष्ट परियोजनाओं की खोज करना था, जिसमें कनेक्टिविटी, विकासात्मक बुनियादी ढांचे, औद्योगिक संपर्क के साथ-साथ लोगों से लोगों के बीच पर्यटन, संस्कृति और खेल-संबंधी गतिविधियों के माध्यम से संपर्क करना शामिल है.

शुक्रवार को टाले गए शिखर सम्मेलन में पूर्वोत्तर से संबंधित खास घोषणा की उम्मीद थी क्योंकि गुवाहाटी को पूर्व के प्रवेश द्वार के रूप में देखा जाता है. अधिकारियों का मानना था कि अगर सम्मेलन की जगह बदली जाती है तो यह अपना महत्व खो देता.

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First published: December 13, 2019, 3:24 PM IST
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