रेपिस्ट आसाराम को सोशल मीडिया पर क्यों मिली क्लीन चिट!

आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद ऐसे ट्वीट्स की बाढ़ आ गयी है जिनमें आसाराम को हिंदुओ का योद्धा बताया जा रहा है.

Ankit Francis
Updated: April 25, 2018, 11:30 AM IST
Ankit Francis
Updated: April 25, 2018, 11:30 AM IST
जोधपुर की विशेष अदालत ने नाबालिग से रेप के केस में आसाराम बापू समेत चार अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. हालांकि सोशल मीडिया पर अभी भी #CleanChitToBapuji नाम से हैश टैग ट्रेंड कराया जा रहा है. इस हैश टैग के जरिए आसाराम के भक्त ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कोर्ट ने तो बापूजी को क्लीन चिट दी है लेकिन मीडिया झूठ फैलाकर उन्हें दोषी बता रहा है.

कौन हैं जो आसाराम को 'हिंदू योद्धा' बता रहे हैं
आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बाद ऐसे ट्वीट्स की बाढ़ आ गयी है जिनमें आसाराम को हिंदुओ का योद्धा बताया जा रहा है. ऐसा कहकर प्रचारित किया जा रहा है कि उन्हें हिंदू संत होने के चलते फंसाया जा रहा है. इन बातों को साबित करने के लिए बीजेपी नेता सुब्रमनियन स्वामी और कई अख़बारों के झूठे और फोटोशॉप्ड तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

 


Loading...













कानून का गलत इस्तेमाल हुआ
आसाराम के कई समर्थक इसे POCSO एक्ट का गलत इस्तेमाल बता रहे हैं...

 







जानिए क्या है पूरा मामला

आसाराम को 15 अगस्त 2013 की रात राजस्थान के जोधपुर स्थित मणाई आश्रम में नाबालिग के साथ रेप करने के मामले में दोषी करार दिया गया है. इस मामले में लड़की के परिजनों ने 20 अगस्त 2013 को दिल्ली के कमला नेहरू बाजार थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी.



आसाराम पर ज़ीरो नंबर की एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे बाद में जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया था. आसाराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 342, 376, 354-ए, 506, 509/34, जेजे एक्ट 23 व 26 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 31 अगस्त की रात को इंदौर स्थित आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार कर लिया. आरोप पत्र में 58 गवाह पेश किये गए, जबकि अभियोजन पक्ष की तरफ से 44 गवाहों ने गवाही दी.

11 अप्रैल 2014 से 21 अप्रैल 2014 के दौरान पीड़िता का 12 पेज का बयान दर्ज किया गया. 4 अक्टूबर 2016 को आसाराम के मुल्जिम बयान दर्ज किए गए. 22 नवंबर 2016 से 11 अक्टूबर 2017 तक बचाव पक्ष ने 31 गवाहों के बयान दर्ज कराए. इस मामले में आसाराम को निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक कहीं नही जमानत नहीं मिली और वह तब से ही जोधपुर के केन्द्रीय कारागृह में बंद थे.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 25, 2018, 11:21 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...