कांग्रेस-BJP के लिए अहम ऊपरी असम, यहां की जीत प्रशस्त करेगी 'सत्ता का रास्ता'

ऊपरी असम में दोनों पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं. (तस्वीर-(SpokespersonECI Twitter))

ऊपरी असम में दोनों पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं. (तस्वीर-(SpokespersonECI Twitter))

राज्य में आज पहले चरण की वोटिंग हो रही है. बीजेपी (BJP) के सामने चैलेंज है कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शनों (Anti-CAA Protests) के बाद भी वह सत्ता में दोबारा वापसी करेगी. राज्य के ऊपरी हिस्से, जिसे अप्पर असम भी कहते हैं, में वोटिंग बेहद महत्वपूर्ण होगी. इस इलाके में बीजेपी 2014 के बाद लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए है. अगर पार्टी इस इलाके में वर्चस्व खो देती है तो फिर उसे बहुमत पाने में मुश्किल होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2021, 4:53 PM IST
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नई दिल्ली. उत्तर और पूर्वी भारत में कम ऐसे राज्य हैं जहां पर कांग्रेस (Congress) इस वक्त बीजेपी (BJP) की मुख्य विपक्षी बनी हुई है. असम (Assam) भी ऐसा ही एक राज्य है. राज्य में आज पहले चरण की वोटिंग हो रही है. बीजेपी के सामने चैलेंज है कि कैसे सीएए विरोधी प्रदर्शनों के बाद भी वह सत्ता में दोबारा वापसी करेगी. राज्य के ऊपरी हिस्से, जिसे अप्पर असम भी कहते हैं, में वोटिंग बेहद महत्वपूर्ण होगी. इस इलाके में बीजेपी 2014 के बाद लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए है. अगर पार्टी इस इलाके में वर्चस्व खो देती है तो फिर उसे बहुमत पाने में मुश्किल होगी.

दरअसल राज्य तीन बड़े क्षेत्रों में ऊपरी असम का हिस्सा सबसे बड़ा है. इस हिस्से में 56 विधानसभा सीटें हैं. आज इनमें से 47 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. इन सीटों पर वोटिंग पूरे चुनाव नतीजों को जबरदस्त तरीके से प्रभावित करेगी. पहली बात कि ये राज्य का सबसे प्रभावशाली इलाका भी माना जाता है. यहां पर राज्य की कुल सीटों का करीब 44 फीसदी हिस्सा है. जिस भी पार्टी को यहां लीड मिलेगी उसे सफलता के नजदीक पहुंचने में आसानी होगी. बीते वर्षों में बीजेपी ने इस इलाके में न सिर्फ अपना प्रभाव बढ़ाया है बल्कि कांग्रेस के मुकाबले वोट शेयर में भी वृद्धि हुई है. तीसरा कारण ये है कि कोरोना काल के पहले इस इलाके में सीएए विरोधी जबरदस्त प्रदर्शन हुए थे जो राज्य के अन्य क्षेत्रों से कहीं ज्यादा थे. बीजेपी को इस फैक्टर से डील करना है.

कांग्रेस के सामने बड़ा चैलेंज, बीजेपी भी लगा रही जोर

इलाके में अगर युवाओं की बात करें तो उनके बीच कांग्रेस को लेकर संशय की स्थिति अब भी बनी हुई है. इस चुनाव में कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के साथ गठबंधन किया है. इसके अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और लेफ्ट पार्टियों के साथ भी कांग्रेस का गठबंधन है. दिलचस्प है कि ऊपरी असम के इलाके में तकरीबन हर सीट पर खुद कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं. वो सीधे तौर पर बीजेपी को सीएए के मुद्दे पर टक्कर दे रही है. वहीं बीजेपी भी अपनी सांगठनिक क्षमता और विकास कार्यों के बूते मैदान में है.
(ASHISH RANJAN की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)
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