जब HC के हिसाब से भाषण देशहित में था तो 9 महीने से जेल में क्यों बंद हैं कफील?

जब HC के हिसाब से भाषण देशहित में था तो 9 महीने से जेल में क्यों बंद हैं कफील?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफील खान की तुरंत रिहाई के आदेश दिए हैं. (फाइल तस्वीर)

चीफ जस्टिस गोविंद माथुर (Chief Justice of Allahabad HC Govind Mathur) और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह (Justice Saumitra Dayal Singh) की बेंच ने कहा कि कफील खान का भाषण कहीं से नफरत फैलाने वाला दंगे भड़काने वाला नहीं है. कफील खान के भाषण से अलीगढ़ में शांति व्यवस्था को कोई खतरा नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 4:59 PM IST
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प्रयागराज. कई दिनों तक इंतजार करने के बाद मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने डॉ. कफील खान (Dr Kafeel Khan) को तुरंत जेल से छोड़े जाने का आदेश दिया. साथ ही कोर्ट ने कफील पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA Act) के तहत लगी धाराएं भी हटा दी हैं. हाईकोर्ट की इस कार्रवाई को राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह की बेंच ने कहा कि कफील खान का भाषण कहीं से नफरत फैलाने वाला दंगे भड़काने वाला नहीं है. लाइव लॉ पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने माना कि कफील खान के भाषण से अलीगढ़ में शांति व्यवस्था को कोई खतरा नहीं है. निर्णय में यह भी कहा गया कि वास्तविकता में कफील खान के भाषण में देश की अखंडता और नागरिकों के बीच एकता की बात कही गई थी.





कोर्ट ने कहा है कि डॉ कफील खान को जेल में डालना भी बुरा था. बता दें भड़काऊ भाषण देने के आरोप में डॉ कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं. खंडपीठ ने डॉ कफील खान की मां नुजहत परवीन की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिन में फैसला लेने का दिया था निर्देश
गौरतलब है कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से डॉक्टर कफील खान की मां की अर्ज़ी पर 15 दिन में फैसला लेने को कहा है. डॉ. कफील अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में एनएसए के तहत जेल में बंद हैं. उनके ऊपर तीन बार एनएसए बढ़ायी गई है. दरअसल राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अगर सरकार किसी को राष्ट्रीय शांति व्यवस्था के लिए जिम्मेदार मानती है तो उसे 12 महीने तक हिरासत में रख सकती है.

सोशल मीडिया पर चलाई थी रिहाई की मुहिम
इससे पहले डॉ. कफील की पत्नी ने ट्विटर पर अपने पति की रिहाई को लेकर 4 अगस्त को एक मुहिम भी चलाई थी, जिसे लोगों का काफी समर्थन मिला था. डॉ. कफील की पत्नी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डॉ. कफील के समर्थन में गुहार लगा चुकी है. उन्हें कथित रूप से CAA के विरोध के बीच 13 दिसंबर, 2019 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक भड़काऊ भाषण देने के लिए इस साल जनवरी में मुंबई से गिरफ्तार किया गया था.
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