ऑपरेशन कर्नाटक-गोवा से क्यों डरी हुई हैं ममता?

जानकारों की मानें तो कर्नाटक में सदन में जो हालात हैं उससे एक बात साफ है कि कुमार स्वामी सरकार संकट में है और अब तक का विधानसभा का गणित उनके खिलाफ है. यानि सरकार गिरना तय है.

Anil Rai | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 10:59 AM IST
ऑपरेशन कर्नाटक-गोवा से क्यों डरी हुई हैं ममता?
बीजेपी के ऑपरेशन कर्नाटक गोवा से क्‍यों डरी हुई हैं ममता बनर्जी?
Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 10:59 AM IST
बीजेपी का ऑपरशेन गोवा पूरा हो गया है और ऑपरेशन कर्नाटक भी पूरा होने के करीब है. कर्नाटक के इस्तीफा देने वाले बागी विधायक जिस तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और गुलाम नबी आजाद से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है, उससे एक बात साफ गई है कि मनाने समझाने का दौर अब खत्म हो चुका है. ऐसे में सबकी नजर अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है.

जानकारों की मानें तो कर्नाटक में सदन में जो हालात हैं उससे एक बात साफ है कि कुमार स्वामी सरकार संकट में है और अब तक का विधानसभा का गणित उनके खिलाफ है. यानि सरकार गिरना तय है. इंतजार सिर्फ इस बात का है कि विधानसभा में शक्ति परीक्षण के बाद कर्नाटक चुनाव में जाता है या वहां बीजेपी की सरकार बनती है.

बात करें गोवा की तो गोवा में बीजेपी ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली थी. पूरी कांग्रेस जब कर्नाटक बचाने में लगी हुई थी. उसी समय बीजेपी के ऑपरेशन गोवा ने कांग्रेस की जमीन खिसका थी. पार्टी के 2 तिहाई विधायक पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को खबर भी नहीं लगी. ऐसे में बीजेपी नेता मुकुल रॉय के दावे ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी डरा दिया है.

बीजेपी के ऑपरेशन कर्नाटक से कांग्रेस के लिए भी मुश्किलें पैदा हो गई हैं.
बीजेपी के ऑपरेशन कर्नाटक से कांग्रेस के लिए भी मुश्किलें पैदा हो गई हैं.


बीजेपी का ऑपरेशन पश्चिम बंगाल
लोकसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने एक भाषण में दावा किया था कि टीएमसी के 40 विधायक बीजेपी के सम्पर्क में हैं और लोकसभा चुनावों के बाद वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. उसके बाद ममता के विधायक बीजेपी में आए तो लेकिन संख्या सिर्फ एक ही रही लेकिन अमित शाह और बीजेपी को जानने वाले इस बात को जानते हैं कि बीजेपी का ये नेतृत्व हार मानने वालों में से नहीं है.

लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद बीजेपी नेतृत्व पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पूरी ताकत लगा देना चाहता है. दरअसल पिछले लोकसभा चुनावों में जिस तरह बीजेपी का वोट प्रतिशत 23 फीसदी से बढ़कर 40 फीसदी पार कर गया, उसके बाद पश्चिम बंगाल को लेकर बीजेपी नेतृत्व काफी उत्साहित है. पश्चिम बंगाल में 2021 में विधान सभा चुनाव होने हैं. पार्टी पहले हर हथियार आजमा लेना चाहती है.
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर अब आम हो गई है. ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेता अपने बयानों के जरिए हमेशा ये बताने की कोशिश में लगे हैं कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकर कभी भी गिर सकती है. ताकि कार्यकर्ताओं में जोश बना रहे और पुलिस और नौकरशाही आंख मूंदकर ममता के साथ न खड़ी हो.

कहां से आया 107 का आंकड़ा
बीजेपी नेता मुकुल रॉय के ताजा बयान ने पश्चिम बंगाल की सियाशी तपिश बढ़ा दी है. मुकुल रॉय ने टीएमसी के 107 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने का दावा किया है. दरअसल 294 विधायकों वाली विधानसभा में टीएमसी के 211 विधायक हैं. ऐसे में पार्टी तोड़ने के लिए कम से कह आधे से ज्यादा विधायक चाहिए. नए दल बदल कानून के तहत भले ही दल बदल के लिए 2 तिहाई विधायकों की आवश्यता हो लेकिन किसी भी दल के अगर आधे से ज्यादा विधायक साथ आ जाएं तो वह मूल पार्टी होने का दावा कर सकता है. ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा अलग दल की मान्यता दे सकते हैं. टीएमसी के आधे विधायकों की संख्या 106 की होती है और शायद यही वो कारण है कि मुकुल रॉय ने एक नंबर बढ़ाकर 107 का दांव खेला है.

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First published: July 15, 2019, 10:48 AM IST
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