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खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों को पोस्टल वोटिंग के लिए करना पड़ेगा इंतजार

यूएन-2015 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारतीय प्रवासियों की संख्या 1.6 करोड़ है. (सांकेतिक तस्वीर)

यूएन-2015 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारतीय प्रवासियों की संख्या 1.6 करोड़ है. (सांकेतिक तस्वीर)

खाड़ी देशों (Gulf Countries) के पोस्टल वोटिंग की लिस्ट में शामिल न होने के पीछे इन देशों का आलोकतांत्रिक ढांचा है. कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, कतर, यूएई जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों के पोस्टल वोटिंग के अधिकार को लेकर चुनाव आयोग ने सकारात्मक रवैया अपनाया है. लेकिन इन देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था का न होना पोस्टल वोटिंग के अधिकार के आड़े आ रहा है.

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    नई दिल्ली. प्रवासी भारतियों (NRIs) को पोस्टल वोटिंग (Postal Voting) का अधिकार देने के मामले में पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय और चुनाव आयोग की बैठक हुई. बैठक में एक लिस्ट जारी हुई जहां पोस्टल वोटिंग को लेकर पायलट स्टडी की जानी है. इस लिस्ट में अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, जापान, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. लेकिन खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों को फिलहाल अभी पोस्टल वोटिंग के अधिकार को पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.

    खाड़ी देशों में एनआरआई को फिलहाल क्यों नहीं मिला पोस्टल वोटिंग का अधिकार ?
    खाड़ी देशों के पोस्टल वोटिंग की लिस्ट में शामिल न होने के पीछे इन देशों का अलोकतांत्रिक ढांचा है. कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों के पोस्टल वोटिंग के अधिकार को लेकर चुनाव आयोग ने सकारात्मक रवैया अपनाया है. लेकिन इन देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था का न होना पोस्टल वोटिंग के अधिकार के आड़े आ रहा है. लिहाजा चुनाव आयोग ने इन देशों को पायलट स्टडी की लिस्ट में शामिल नहीं किया है.

    एनआरआई वोटर्स का ठीक-ठीक आंकड़ा नहीं मौजूद
    यूएन-2015 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भारतीय प्रवासियों की संख्या 1.6 करोड़ है. हालांकि सिर्फ एक लाख प्रवासी भारतीय वोटर्स ही पंजीकृत हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में इसमें से महज 25000 लोग ही वोटिंग के लिए भारत आए थे. हालांकि चुनाव आयोग के पास ऐसा कोई विस्तृत आंकड़ा नहीं है जिससे यह पता चले कि किन देशों में कितने एनआरआई रह रहे हैं. लेकिन पंजीकृत एनआरआई वोटर्स में से सबसे ज्यादा वोटर्स 89,000 केरल के हैं. आंध्र प्रदेश में तकरीबन7,500, महाराष्ट्र में तकरीबन 5,500, कर्नाटक में 4,500, तमिलनाडु में करीब 3200 और तेलंगाना में 2500 हैं.

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