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मणिपुर तक फैली नगालैंड के दजुकू घाटी की आग, सरकार ने NDRF और सेना से मांगी मदद

Dzukou Range Fire: अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को हालात पर काबू पाने के लिए मदद मांगी है. वहीं, सरकार ने सेना और असम राइफल्स को आग्निशन कार्यकर्ताओं की मदद करने की अपील की है.
Dzukou Range Fire: अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को हालात पर काबू पाने के लिए मदद मांगी है. वहीं, सरकार ने सेना और असम राइफल्स को आग्निशन कार्यकर्ताओं की मदद करने की अपील की है.

Dzukou Range Fire: अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को हालात पर काबू पाने के लिए मदद मांगी है. वहीं, सरकार ने सेना और असम राइफल्स को आग्निशन कार्यकर्ताओं की मदद करने की अपील की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 1, 2021, 1:55 PM IST
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इंफाल. नगालैंड (Nagaland) में कोहिमा जिले के दज़ुकू घाटी (Dzukou Valley) में भीषण आग का तांडव जारी है. आग का असर पड़ोसी राज्य मणिपुर में दिख रहा है. इससे निपटने के लिए मणिपुर सरकार (Manipur Government) ने एनडीआरएफ (NDRF) और सेना से मदद की गुहार लगाई है. आग राज्य के सेनापति जिले तक फैल गई है. यह जानकारी अधिकारियों ने गुरुवार को दी है. राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) ने स्थिति को जानने के लिए दजुकू घाटी का हवाई दौरा किया.

गुरुवार को मणिपुर के सेनापति जिले में सीएम सिंह ने हैलिकॉप्टर के जरिए हवाई दौरा किया. राज्य सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि इस दौरान उनके साथ मुख्य सचिव डॉक्टर राजेश कुमार, पुलिस महानिदेशक एलएम खौते मौजूद रहे. दजुकू घाटी नागालैंड और मणिपुर सीमा पर स्थित है.

भारत सरकार में गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्य को मदद का आश्वासन दिया है. इस बात की जानकारी सीएम सिंह ने एक ट्वीट के जरिए दी है. उन्होंने लिखा 'दजुकू घाटी के हालात जानने और उसपर चर्चा करने के लिए अभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से फोन आया. उन्होंने गृह मंत्रालय की तरफ से हालात पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी सहयोग का भरोसा दिया है.'



अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल को हालात पर काबू पाने के लिए मदद मांगी है. वहीं, सरकार ने सेना और असम राइफल्स को आग्निशन कार्यकर्ताओं की मदद करने की अपील की है. अधिकारियों ने आगे जानकारी दी कि वन विभाग के जवान और साओ इलाके के वॉलिंटियर्स क्षेत्र में पहुंच गए हैं और आग की लपटों को बुझाने की कोशिश कर रहे हैं.
आग किन वजहों से लगी उन कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आग लगने की घटना की पुष्टि की है. नागालैंड के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने पहले ही आग बुझाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलिकॉप्टरों की आवश्यकता बताई है. दक्षिणी अंगामी यूथ एसोसिएशन (SAYO), जो घाटी की सुरक्षा के लिए काम कर रही है और समय-समय पर प्रतिबंध जारी करती है, कथित तौर पर आग से हुए नुकसान का आकलन करने और कारण का पता लगाने के लिए अग्नि स्थल पर एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगी.

आपदा इससे पहले, विनाशकारी आग की एक घटना ने नवंबर 2018 में घाटी को नुकसान पहुंचाया था. यह बताया गया है कि दक्षिणी अंगामी यूथ एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा उस वर्ष में बड़े पैमाने पर आग लगाई गई थी. बता दें कि दजुकू घाटी, नागालैंड की राज्य की राजधानी कोहिमा से लगभग 30 किमी दूर है. हाल में किसी जनमाल हानि की कोई खबर नहीं है. लेकिन कई वन्यजीव को नुकसान होने की जानकारी दी गई है.
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