वडोदरा: रिहाइशी इलाके से मिला विलुप्तप्राय साही, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ने किया रेस्क्यू

वडोदरा: रिहाइशी इलाके से मिला विलुप्तप्राय साही, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ने किया रेस्क्यू
दुनियाभर में हेजहॉग की करीब 70 प्रजातियां पाई जाती हैं.

दुनियाभर में हेजहॉग (Rare Hedgehog) की करीब 70 प्रजातियां पाई जाती हैं. ज्यादातर ये यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों और न्यूजीलैंड में पाए जाते हैं. इनके शरीर पर बनी कांटेदार संरचना इन्हें दुश्मनों से रक्षा करती है. हेजहॉग कीड़े, घोंघे, मेंढक, सांप, पक्षियों के अंडे, मशरूम, घास की जड़ों, जामुन, खरबूजे और तरबूज खाते हैं. वंसत के शुरुआत दिनों में इनका हाइबरनेशन होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 10:23 AM IST
  • Share this:
अहमदाबाद. गुजरात में एक गैर-सरकारी संगठन वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू ट्रस्ट ने रविवार को वडोदरा जिले के एक रिहायशी इलाके से एक दुर्लभ प्रजाति के साही (Rare Hedgehog) को बचाया. न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद पवार ने कहा, 'यह एक दुर्लभ प्रजाति का साही  है, जिसके शरीर पर कांटे होते हैं. ऐसा चूहा आखिरी बार 2007 में वडोदरा में पकड़ा गया था.' हेजहॉग को पकड़े जाने के बाद वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया. बाद में विभाग ने उसे जंगल में छोड़ दिया.

न्यूज़ एजेंसी ANI ने इस हेजहॉग की कुछ तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की हैं. तस्वीरों में ट्रस्ट के कर्मचारियों द्वारा बचाए गए कुछ भूरे रंग के कांटेदार जीव को देखा जा सकता है. इस ट्वीट पर पोस्ट ने 500 से अधिक 'लाइक' और एक लाख कमेंट्स आ चुके हैं. लोग इस जीव को क्यूट और मासूम बता रहे हैं. कुछ यूजर्स ने इसे शैतान और शरारती भी बताया है.


वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद पवार के अनुसार, इस तरह के कांटेदार चूहे एकांत में पाए जाते हैं और ज्यादातर निशाचर होते हैं यानी रात के वक्त ही निकलते हैं. दिन के दौरान उन्हें चट्टानों के नीचे आराम करते देखा जाता है. वे चूहे अन्य छोटे स्तनधारियों के छोड़े गए भट्टों में भी पाए जाते हैं. हेजहॉग में सुनने और सूंघने की तीव्र शक्ति होती है, ये सूंघकर ही कुछ मीटर दूरी पर पड़े भोजन का पता लगा सकते हैं.



अब चूहों से टक्कर लेगा आपका मोबाइल, ऐसे घर से भागेंगे चूहे

दुनियाभर में हेजहॉग की करीब 70 प्रजातियां पाई जाती हैं. ज्यादातर ये यूरोप, एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों और न्यूजीलैंड में पाए जाते हैं. इनके शरीर पर बनी कांटेदार संरचना इन्हें दुश्मनों से रक्षा करती है. हेजहॉग कीड़े, घोंघे, मेंढक, सांप, पक्षियों के अंडे, मशरूम, घास की जड़ों, जामुन, खरबूजे और तरबूज खाते हैं. वंसत के शुरुआत दिनों में इनका हाइबरनेशन होता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज