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नागरिकता संशोधन बिल आज दोपहर 2 बजे राज्यसभा में होगा पेश, शिवसेना के साथ के बिना भी बीजेपी बेफिक्र, जानें सारा गणित

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 10:10 AM IST
नागरिकता संशोधन बिल आज दोपहर 2 बजे राज्यसभा में होगा पेश, शिवसेना के साथ के बिना भी बीजेपी बेफिक्र, जानें सारा गणित
नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) आज दोपहर दो बजे राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश किया जाएगा.

सत्तारूढ़ भाजपा को उम्मीद है कि बुधवार को यह नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 10:10 AM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) आज दोपहर दो बजे राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश किया जाएगा. इस बिल को सात घंटे से अधिक समय तक चली बहस के बाद लोकसभा ने सोमवार आधी रात को पारित किया गया था. इस विधेयक के विरोध में विपक्ष के लामबंद होने के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा को उम्मीद है कि बुधवार को यह विधेयक जब राज्यसभा में लाया जाएगा तो इसे आसानी से पारित करवा लिया जाएगा.

भाजपा नीत राजग के सूत्रों ने बताया कि उसे 240 सदस्यों की प्रभावी संख्या वाली राज्यसभा में इस विधेयक पर मतदान में 124-130 वोट मिल सकते हैं. लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश विधेयक सोमवार देर रात आसानी से पारित हो गया जहां सत्तारूढ़ भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त है .

इसलिए बुलंद हैं भाजपा के हौसले
विपक्षी नेताओं को छह सदस्यीय तेलंगाना राष्ट्रीय समिति का समर्थन मिलने के कारण उसके हौसले बुलंद हैं. अभी तक कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर सरकार का साथ दे चुकी टीआरएस ने इस विधेयक का विरोध करने का निर्णय किया है. इसके साथ लोकसभा में विधेयक के पक्ष में खड़ी शिवसेना ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह भी उच्च सदन में इसका विरोध कर सकती है.

जानिए क्या है गणित
सदन में भाजपा के 83, जद (यू) के छह, अकाली दल के तीन तथा लोजपा, आरपीआई-ए के एक-एक तथा 11 मनोनीत सदस्य शामिल हैं. भाजपा अन्नाद्रमुक से बात कर रही है जिसके 11 सांसद हैं. बीजद के सात सांसद, वाईएसआर कांग्रेस के दो तथा तेदेपा के दो सदस्य हैं. भाजपा को इन दलों के समर्थन की भी उम्मीद है. भाजपा को उम्मीद है कि इन दलों के समर्थन से वह 120 सदस्यों के बहुमत के आंकड़े को प्राप्त कर लेगी.

विपक्षी खेमे में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा, सपा, द्रमुक, राजद, वाम, राकांपा एवं टीआरएस के क्रमश: 46, 13, चार, नौ, पांच, चार, छह, चार और सदस्य हैं. इनको मिलाकर कुल 97 सदस्य हैं. शिवसेना, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य दलों के सदस्यों को मिलाकर यह आंकड़ा 110 पर पहुंचता है.

कांग्रेस करेगी धरना प्रदर्शन
वहीं कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ बुधवार को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एवं विधायक दल के नेताओं को पत्र लिखकर इस धरना-प्रदर्शन के बारे में सूचित किया है.

उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि शिवसेना राज्यसभा में तब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जब तक कि पार्टी द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवालों का जवाब नहीं मिल जाता

वहीं हाल के दिनों तक राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) की मुखालफत कर रही नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू अब गठबंधन सहयोगी बीजेपी के साथ खड़ी है. हालांकि लोकसभा में इस बिल के समर्थन के बाद पार्टी के अंदर से ही इसके आवाज़ उठने लगी. पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस बिल के लोकसभा से पास होने के तुरंत बाद अपनी आपत्ति जताते हुए कहा, 'यह विधेयक धर्म के आधार पर लोगों से भेदभाव करता है.'

इस मुद्दे पर नीतीश कुमार ने अब तक चुप्पी ही साध रखी है, हालांकि जेडीयू के सांसदों का अब भी यही कहना है कि इस मुद्दे पर पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

उसी तरह इस बिल का समर्थन कर रही एआईएडीएमके को भी बिल से श्रीलंकाई तमिल शरणार्थियों को बाहर रखे जाने के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. वहीं राज्यसभा में असम गण परिषद और बीपीएफ का रुख भी पूरी तरह साफ नहीं.

पूर्वोत्तर में विरोध प्रदर्शन जारी
लोकसभा में पारित विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संघों और वाम-लोकतांत्रिक संगठनों ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया. राज्यसभा में इस विधेयक को पेश किये जाने से एक दिन पहले असम में इस विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप रहा.

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने बंद आहूत किया.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: December 11, 2019, 12:28 AM IST
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