CAA विरोधी नाटक पर बच्चों से 3 बार पूछताछ पर पुलिस- सबूत मिलने तक जारी रखेंगे जांच

कर्नाटक में एक CAA विरोधी नाटक को लेकर बच्चों से पूछताछ की जा रही है (सांकेतिक तस्वीर)

शाहीन एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (Shaheen Education Institute) के सीईओ (CEO) तौसीफ मदिकेरी ने कहा कि जिन स्टूडेंट्स (Students) से शनिवार को बात की गई, वे चौथी से सातवीं कक्षा के बीच हैं और उनमें से कई ने तो न ही इस नाटक में भाग लिया था और न ही इसे देखा था.

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    बेंगलुरु. विवादित नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ एक नाटक करने के बाद बीदर (Bidar) के एक स्कूल के कम से कम 60 स्टूडेंट्स (Students) के खिलाफ देशद्रोह (Sedition) का मुकदमा दर्ज किया गया है.

    स्कूल के सीईओ (School's CEO) तौसीफ मदिकेरी ने कहा, "ये स्टूडेंट्स चौथी से सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले हैं. इनमें से सारे ही न तो इस नाटक का भाग थे और न ही इन सभी ने इस नाटक को देखा था. उन्हें एक वीडियो दिखाया गया था और उनसे सवाल पूछे गए थे, इसके अलावा उनसे उनके माता-पिता (Parents) के बारे में सवाल पूछे गए थे. उनसे यह भी पूछा गया था कि क्या वे भी वहां मौजूद थे."

    बाल अधिकार पैनल के सदस्य पुलिस के साथ रहे मौजूद
    तौसीफ ने बताया कि पहले कि तरह पुलिस (Police) के साथ बाल अधिकार पैनल के सदस्य थे. क्योंकि सबसे पहले राउंड की पूछताछ का विरोध हुआ था.

    स्कूल में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (NRC) के खिलाफ 21 जनवरी को किए गए एक नाटक के बाद स्कूल के मैनेजमेंट के खिलाफ देशद्रोह में मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था.

    कई धाराओं के अंतर्गत स्कूल प्रबंधन और मैनेजमेंट के खिलाफ मुकदमा
    शाहीन एजुकेशन इंस्टीट्यूट के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A (देशद्रोह), 504 (शांति भंग करने के लिए भड़काने), 505 (2) (शत्रुता को बढ़ावा देने वाले बयान देने), 153A (सांप्रदायिक घृणा को बढ़ावा देने) और 34 (किसी साझे मंतव्य से कई लोगों द्वारा किया गया कोई काम) में मुकदमा दर्ज किया गया था. हालांकि FIR में स्कूल के प्रमुख और मैनेजमेंट को आरोपी बनाया गया था.

    सबूत मिलने तक जारी रहेगी जांच: डीएसपी
    इस नाटक में कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) को गलत तरह से पेश किया गया था. गुरुवार को स्कूल की हेडमिस्ट्रेस और एक छात्र की मां को गिरफ्तार किया गया था.

    इस मामले की जांच कर रहे पुलिस डीएसपी (Police DCP) बसवेश्वर हीरा ने कहा था कि सबूतों के मिलने तक जांच जारी रहेगी. उन्होंने कहा, "कोई भी जांच करने वाला अधिकारी, तब तक जांच जारी रख सकता है, जब तक उसे सबूत नहीं मिल जाते. हमने इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया को अपनाया है, हमेशा हमारे साथ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य मौजूद थे."

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