रैली के बाद अलागिरी बोले- क्या मुझे समर्थन देने वाले 1 लाख लोगों को भी पार्टी से निकालेंगे स्टालिन?

रैली के बाद अलागिरी बोले- क्या मुझे समर्थन देने वाले 1 लाख लोगों को भी पार्टी से निकालेंगे स्टालिन?
अलागिरी ने पूछा: DMK 1 लाख लोगों को पार्टी से निकाल देगी जिन्होंने मुझे समर्थन का वादा किया? (image credit: ANI)

रैली के बाद अलागिरी ने स्टालिन को चुनौती देते हुए कहा कि रैली में जुटी भीड़ से ये साफ दिख रहा कि पार्टी का राइट च्वॉइस कौन है? अलागिरी ने पूछा कि मेरा समर्थन करने वाले एक लाख लोगों को क्या स्टालिन अब पार्टी से निकालेंगे?

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  • Last Updated: September 5, 2018, 5:41 PM IST
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(पूर्णिमा मुरली)

तमिलनाडु की राजनीति में अभी भी हलचल मची हुई है. एमके स्टालिन के डीएमके प्रमुख की गद्दी संभालने के बाद उनके भाई एमके अलागिरी लगातार विरोध कर रहे हैं. बुधवार को अलागिरी ने चेन्नई के मरीना बीच पर करुणानिधि के मेमोरियल के पास रैली की. बताया जा रहा है कि इस रैली में पार्टी से करीब एक लाख समर्थक पहुंचे थे.

रैली के बाद अलागिरी ने स्टालिन को चुनौती देते हुए कहा कि रैली में जुटी भीड़ से ये साफ दिख रहा कि पार्टी का राइट च्वॉइस कौन है? अलागिरी ने पूछा कि मेरा समर्थन करने वाले एक लाख लोगों को क्या स्टालिन अब पार्टी से निकालेंगे? बता दें कि रैली के दौरान अलागिरी के समर्थकों ने 'सेवियर ऑफ द पार्टी', 'लॉन्ग लिव अलागिरी' के नारे लगाए.



अपने भाई और डीएमके अध्यक्ष स्टालिन पर चुटकी लेते हुए अलागिरी ने कहा, 'उन लोगों ने पार्टी के एक नेता को सस्पेंड किया है, जिसने एयरपोर्ट जाकर मेरा स्वागत किया था. क्या वो सभी एक लाख लोगों को पार्टी से निकाल देंगे, जिन्होंने मेरा साथ देने का वादा किया था.'
इस रैली में भाग लेने के लिए कई लोग मदुरै से चेन्नई आए थे, जिसे अलागिरी का गढ़ माना जाता है. अलागिरी के एक करीबी समर्थक ने कहा, 'अलागिरी एक महान नेता हैं और हमें पूरा विश्वास है कि तमिलनाडु को जिस बदलाव की ज़रूरत है, उसे सिर्फ वही ला सकते हैं.'

करीब 60 लोगों ने अलागिरी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी थी. वो कह रहे थे कि करुणानिधि के बाद अलागिरी दूसरे कलैगनार हैं. बता दें कि करुणानिधि कलैगनार जब उनसे पूछा गया कि क्या पिछले चार सालों में मदुरै में अलागिरी का प्रभाव कम हुआ है, तो ग्रुप ने कहा, 'मदुरै में अभी भी उन्हें सारे लोगों का समर्थन हासिल है. उन्होंने कई परिवारों की मदद की है और डीएमके से निकाले जाने के बाद भी उन्होंने कई दानपुण्य का काम किया है.'

इससे पहले इस रैली को लेकर अलागिरी ने कहा था, 'डीएमके अब कमजोर है और मैं इसे मजबूत करना चाहता हूं. मेरी केवल एक मांग है कि मुझे पार्टी में दोबारा शामिल किया जाए.' अलागिरी को करुणानिधि ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्‍कासित कर दिया था. करुणानिधि के निधन के बाद अब अलागिरी पार्टी में वापस आना चाहते हैं, लेकिन उन्‍हें न तो पार्टी से और न ही परिवार से कोई समर्थन मिल रहा है. अलागिरी के बेटे दयानिधि ने आशा जताई यह रैली सफल होगी. उन्‍होंने कहा कि उन्‍हें यह नहीं पता कि क्‍यों डीएमके उनके पिता को वापस शामिल नहीं कर रही है.

इस वक्त अलागिरी की कोशिश है कि वो किसी भी तरह से पार्टी में दोबारा शामिल हो जाए. अगर डीएमके इसपर दोबारा से विचार नहीं करती तो अलागिरी का कहना है कि वो अपने समर्थकों से बैठक करने के बाद ही अपने अगले कदम के बारे में निर्णय लेंगे.

पिछले महीने करुणानिधि की मौत के बाद दो दिनों तक पूरे परिवार ने एकजुटता दिखाई थी. अंतिम संस्कार के एक दिन बाद अलागिरी ने मरीना से विद्रोह की आवाज़ बुलंद कर दी है.

हालांकि, 30 अगस्त को अलागिरी ने अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाते हुए कहा था कि अगर उन्हें पार्टी में दोबारा शामिल कर लिया जाता है तो वो स्टालिन को अपना नेता स्वीकार कर लेंगे.
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