होम /न्यूज /राष्ट्र /निजी संस्थानों द्वारा भी बनाई जा सकती है कोवैक्सिन? केंद्र ने दिया ये जवाब

निजी संस्थानों द्वारा भी बनाई जा सकती है कोवैक्सिन? केंद्र ने दिया ये जवाब

डॉ पॉल ने कहा कि कोवैक्सिन कहीं भी नहीं बनाई जा सकती है (सांकेतिक तस्वीर)

डॉ पॉल ने कहा कि कोवैक्सिन कहीं भी नहीं बनाई जा सकती है (सांकेतिक तस्वीर)

Covaxin Production in India: भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का उत्पादन फिलहाल हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड, उत्त ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की कोवैक्सिन (Covaxin) को दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बना रहे हैं, इस बीच केंद्र ने शनिवार को कहा कि वैक्सीन के उत्पादन के लिए निजी कंपनियां भी आगे आ सकती हैं. नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि टेक्नोलॉजी और ज्ञान ट्रांसफर के इस तरह के निर्णय में एक लंबी प्रक्रिया होती है. भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का उत्पादन फिलहाल हैदराबाद की इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड, उत्तर प्रदेश भारत इम्यूनोलॉजिकल्स और बायोलॉजिकल्स कॉरपोरेशन और मुंबई के हैफकाइन इंस्टीट्यूट फॉर ट्रेनिंग, रिसर्च एंड टेस्टिंग कर रही हैं.

    सरकारी आंकलन के अनुसार, एक बार जब ये वैक्सीन का उत्पादन शुरू करेंगे तब एक माह में कोवैक्सिन की 13 करोड़ डोज़ का उत्पादन करेंगी. इन 13 करोड़ डोज के मुताबिक भारत बायोटेक 10 करोड़ वैक्सीन का उत्पादन करेगी, जबकि तीन अन्य फर्में 1-1 करोड़ डोज़ का उत्पादन करेंगी. डॉ पॉल ने कहा कि यह गठजोड़ एक सप्ताह में नहीं किए गए हैं. इस तरह से जटिल तकनीकों को स्थानांतरित नहीं किया जाता है. इस बात का आकलन किया गया कि क्या वहां वैक्सीन निर्माण किया जा सकता है. इसके बाद ट्रेनिंग, धन आवंटन और उसके बाद औपचारिक रूप से समझौता किया गया.

    ये भी पढ़ें- कोरोना की पहली लहर के बाद सरकार, प्रशासन, लोग सभी लापरवाह हो गए थे: भागवत

    कहीं भी नहीं बनाई जा सकती है वैक्सीन
    डॉ पॉल ने कहा कि कोवैक्सिन कहीं भी नहीं बनाई जा सकती है, वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया के दौरान जिंदा वायरस से संपर्क हो सकता है. डॉ पॉल ने कहा यह सिर्फ बेहद, शालीन, जैविक सुरक्षा के लिहाज से तीसरे लेवल के लैब में हो सकता है ताकि वायरस, वैज्ञानिकों पर असर न कर सके. कोई कपड़ा बनाने वाली फैक्ट्री ये नहीं कह सकती कि वह कल से वैक्सीन का उत्पादन शुरू करेगी.

    डॉ पॉल ने कहा कि देश के वैज्ञानिक संस्थानों को हतोत्साहित करने वाली किसी भी कहानी को शामिल नहीं किया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वैक्सीन बनाने में लगे सभी संस्थानों के साथ साझेदारी करती है. पॉल ने कहा कि "दो वैक्सीन निर्माता हमें भागीदार मानते हैं. उन्होंने अपने अनुबंधों का सम्मान किया है और देश के लिए टीके बनाए हैं."

    Tags: Corona vaccine trial, Corona Virus Vaccine, Coronavirus in India, Covaxin, Covaxin Trial, COVID 19

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें