आर्टिकल 370 को संवैधानिक गारंटी के साथ दोबारा लागू किया जाना चाहिए: कांग्रेस

आर्टिकल 370 को संवैधानिक गारंटी के साथ दोबारा लागू किया जाना चाहिए: कांग्रेस
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने आर्टिकल 370 को दोबारा बहाल करने की बात कही है. (सांकेतिक तस्वीर)

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर (Ghulam Ahmed Mir) ने राज्य से आर्टिकल 370 (Article 370) की समाप्ति को इतिहास का सबसे खराब निर्णय (Worst Decision Ever) करार दिया है. साथ ही मीर ने कहा है कि संवैधानिक गारंटी के साथ जम्मू-कश्मीर का स्टेटहुड फिर से कायम किया जाना चाहिए.

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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kasmir) कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर (Ghulam Ahmed Mir) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने राज्य से आर्टिकल 370 (Article 370) की समाप्ति को इतिहास का सबसे खराब निर्णय (Worst Decision Ever) करार दिया है. साथ ही मीर ने कहा है कि संवैधानिक गारंटी के साथ जम्मू-कश्मीर का स्टेटहुड फिर से कायम किया जाना चाहिए. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा है कि कांग्रेस आर्टिकल 370 को दोबारा लागू करने के लिए लड़ाई लड़ेगी. गौरतलब है कि आगामी 5 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा आर्टिकल 370 की समाप्ति किए हुए एक साल पूरे हो रहे हैं.

केंद्र सरकार नहीं दे रही है ध्यान
संवैधानिक गारंटी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला था और इसे फिर से लागू किया जाना चाहिए. राज्य की सभी पार्टियों से बातचीत कर ये तय किया जाना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर को सभी संवैधानिक गारंटी मिलें. लेकिन दुर्भाग्य से केंद्र सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है.

उमर अब्दुल्ला-बोले नहीं लड़ूंगा चुनाव
गौरतलब है कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर उब्दुल्ला ने हाल में ही कहा है कि राज्य को पूर्ववत दर्जा नहीं मिल जाता वो चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्‍होंने यह भी कहा, 'जो कुछ हुआ है, उसके खिलाफ मैं आवाज उठाऊंगा. जो हुआ है उसके खिलाफ मैं लड़ूंगा, लेकिन मैं बंदूक के साथ वर्दी पहनने वाले किसी को भी हम में से किसी को मारने का कारण या बहाना नहीं दूंगा. मैं वह नहीं हूं.'



इंडियन एक्‍सप्रेस को दिए इंटरव्‍यू में उमर अब्‍दुल्‍ला ने बताया कि पांच अगस्‍त यानी जिस दिन अनुच्‍छेद 370 हटाया गया, उस दिन वह घर पर ही थे. उन्‍होंने कहा, '5 अगस्त को मुझे घर पर बंद कर दिया गया था. मैं उन अवैध बंदियों में से एक था. सुबह मैंने अपने घर के दरवाजों की जांच की तो पाया उनमें ताले लगे हैं. सुरक्षा में लगे लोगों ने मुझे बताया कि मुझे घर पर रहने के लिए कहा गया था.'
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