बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित होने पर राजनीति से सन्यास ले लूंगा: येडियुरप्पा

येडियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भी हैं (फाइल फोटो)
येडियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भी हैं (फाइल फोटो)

यह आरोप एक कन्नड़ न्यूज चैनल के ‘‘स्टिंग ऑपरेशन’’ (Sting Operation) पर आधारित हैं, जिसमें दावा किया गया है कि 666 करोड़ रुपये की परियोजना (Project) हासिल करने वाले वाले ठेकेदार ने ‘आरटीजीएस’ (RTGS) के जरिये विजयेंद्र को अदा किये.

  • भाषा
  • Last Updated: September 26, 2020, 10:37 PM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के मुख्यमंत्री बी एस येडियुरप्पा (CM BS Yeddyurappa) ने शनिवार को कहा कि उनके बेटे बी वाई विजयेंद्र (BY vijayendra) के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोप (Corruption charges) में यदि रत्ती भर भी सच्चाई है, तो वह राजनीति से सन्यास (Retirement from politics) ले लेंगे. विजयेंद्र प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भी हैं. राज्य विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No confidence motion) पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता सिद्धरमैया के खिलाफ मुख्यमंत्री येडियुरप्पा बिफर पड़े. दरअसल, कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने आरोप लगाया कि विजयेंद्र ने बेंगलोर विकास प्राधिकरण (Bangalore Development Authority) के ठेकेदार से रिश्वत ली.

यह आरोप एक कन्नड़ न्यूज चैनल के ‘‘स्टिंग ऑपरेशन’’ (Sting Operation) पर आधारित हैं, जिसमें दावा किया गया है कि 666 करोड़ रुपये की परियोजना (Project) हासिल करने वाले वाले ठेकेदार ने ‘आरटीजीएस’ (RTGS) के जरिये विजयेंद्र को अदा किये. उल्लेखनीय है कि बैंकिंग की आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) प्रणाली के तहत धन का अंतरण (Transfer) ‘आर्डर-दर-आर्डर’ आधार पर होता है. आरटीजीएस अनुरोध (RTGS request) करते के साथ ही उसी समय वह पूरा भी होता है और वह अन्य प्रारूप (एनईएफटी आदि) की तरह क्लियरेंस (Clearance) के लिये लंबित नहीं रहता.

यदि मेरे परिवार की संलिप्ता के बारे में रत्ती भर भी सच्चाई, तो राजनीति से सन्यास ले लूंगा
येडियुरप्पा ने कहा, ‘‘यदि मेरे परिवार की संलिप्ता के बारे में रत्ती भर भी सच्चाई है, तो मैं राजनीति से सन्यास ले लूंगा. यदि यह गलत है तो आप (राजनीति से) सन्यास लें. आपको इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाने के लिये शर्मिंदगी महसूस करनी चाहिए.’’ उन्होंने सिद्धरमैया को आरोप साबित करने और लोकायुक्त तथा भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज कराने की चुनौती दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धरमैया ऐसे व्यक्ति का जिक्र कर रहे हैं जो सदन के सदस्य नहीं हैं.
भाजपा नेताओं ने सिद्धरमैया के आरोप को लेकर उनकी आलोचना की. जल्द ही कांग्रेस के विधायक भी अपने नेता के बचाव में उतर गये. कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री जे सी मधुस्वामी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि सिद्धरमैया जिस ठेकेदार पर रिश्वत देने का आरोप लगा रहे हैं उन्होंने टीवी चैनल के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया है.



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हालांकि, जवाब से संतुष्ट नहीं होते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने उक्त व्यक्ति का नाम इसलिए लिया कि टीवी चैनल ने इसे लोगों के बीच सार्वजनिक किया था. सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘एक निष्पक्ष जांच होने दीजिए.’’
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