क्‍या गठबंधन के सहारे सत्ता की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे कांग्रेस-BJP?

बीजेपी और कांग्रेस ने जेडीयू और आरजेडी के साथ दिल्‍ली में गठबंधन दिल्‍ली में किया है लेकिन उनके निशाने पर बिहार में होने वाले चुनाव हैं.
बीजेपी और कांग्रेस ने जेडीयू और आरजेडी के साथ दिल्‍ली में गठबंधन दिल्‍ली में किया है लेकिन उनके निशाने पर बिहार में होने वाले चुनाव हैं.

दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) को लेकर बीजेपी (BJP) ने अकाली दल (Akali Dal) और जेडीयू (JDU) के साथ गठबंधन किया है. वहीं, कांग्रेस (Congress) इस बार दिल्‍ली में आरजेडी (RJD) के साथ चुनाव लड़ रही हैं. इन पार्टियों ने दिल्‍ली के चुनाव से बिहार (Bihar) के मतदाताओं को संदेश देने का प्रयास किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2020, 9:03 PM IST
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नई दिल्‍ली: गठबंधन के सहारे दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Election 2020) में जीत हासिल कर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) सत्‍ता की दहलीज पार करना चाहती हैं. कांग्रेस ने इस बार जहां राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ गठबंधन किया है, वहीं अकाली दल (Akali Dal) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के साथ गठबंधन कर बीजेपी दिल्‍ली (Delhi) में अपनी जीत का परचम लहराना चाहती है. राष्‍ट्रीय जनता दल के प्रवक्‍ता मनोज झा (Manoj Jha) की माने तो कांग्रेस उनकी पार्टी को चार सीट देने के लिए तैयार हो गई है. दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 में राष्‍ट्रीय जनता दल चार सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारेगी, जबकि बाकी बची 66 सीटों से कांग्रेस के उम्‍मीदवार अपनी किस्‍तम आजमाएंगे.

आरजेडी प्रवक्‍ता मनोज झा के अनुसार, जिन चार सीटों को लेकर आरजेडी और कांग्रेस के बीच समझौता हुआ है, उनमें बुराड़ी, किराड़ी, पालम और उत्तम नगर सीट शामिल हैं. माना जा रहा है कि इन चारों सीटों से आरजेडी के उम्‍मीदवारों को चुनावी मैदान पर उतारकर कांग्रेस इन इलाकों में रहने वाले बिहार और पूर्वी उत्‍तर प्रदेश मूल के मतदाताओं को अपने पाले में लाना चाहती है. इसके अलावा, लालू प्रसाद के नाम पर कांग्रेस इन इलाकों में पार्टी से दूर हुए मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करना चाहती है. यहां आपको बता दें कि कांग्रेस और राजद के बीच दिल्‍ली में यह पहला गठबंधन रहा है, जबकि बीजेपी बीते चुनावों में अकाली दल के साथ चुनाव लड़ती आई है. यहां आपको बता दें कि दिल्‍ली में सत्‍ता रूढ़ आम आदमी पार्टी विकास को आधार बना अकेली चुनाव मैदान में कूदी है.

चुनाव दिल्‍ली का, निशाना बिहार पर
दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 के जरिए न केवल बीजेपी, बल्कि कांग्रेस बिहार की राजनीति को साधने की कोशिश कर रहे हैं. दरअसल, दिल्‍ली की राजनीति में आरजेडी और जेडीयू का वजूद न के बराबर है. बीते चुनावों में मटिया महल सीट को छोड़ दें तो दोनों राजनैतिक दल एक फीसदी वोट भी हासिल नहीं कर सके थे. ऐसे में, दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2020 में गठबंधन कर चारों दलों ने एक बड़ा संदेश बिहार की जनता को देने की कोशिश की है. यहां आपको बता दें कि बीते दिनों बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच जारी गठबंधन के टूटने की आशंका जाहिर की जा रही थी. दिल्‍ली में गठबंधन कर बीजेपी और जेडीयू ने बिहार की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह कल भी साथ थे, आज भी साथ हैं. इसी तरह, कांग्रेस और आरजेडी ने गठबंधन कर अपना रुख भी बिहार की जनता के सामने रख दिया है.
जेडीयू को 2013 में मिली पहली जीत


दिल्‍ली की सत्‍ता में अपना दखल बनाने के लिए न केवल राष्‍ट्रीय जनता दल, बल्कि जनता दल यूनाइटेड पहले भी चुनाव में अपनी किस्‍तम आजमां चुके हैं. 2008 के विधानसभा चुनाव में दोनों राजनैतिक दलों ने अपने 11-11 उम्‍मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे. हालांकि यह बात दीगर है कि इस चुनाव में दोनों ही दलों को दिल्‍ली में जीत का स्‍वाद नहीं मिल सका. इसके बाद 2013 के दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने सात और जेडीयू ने 27 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारे थे. इस चुनाव में जेडीयू को पहली बार एक सीट पर जीत हासिल और 26 सीटों पर पार्टी को शिकस्‍त का सामना करना पड़ा. वहीं, 2015 के दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में जेडीयू ने तीन और आरजेडी ने एक सीट पर अपने उम्‍मीदवार उतारे थे, जिन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था.

इस सीट पर जेडीयू को थी दिल्‍ली में जीत
2013 के दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में जेडीयू को मटिया महल विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल हुई थी. इस सीट से जेडीयू की टिकट पर शोएब इकबाल ने चुनाव लड़ा था. दिल्‍ली में जेडीयू को जीत का स्‍वाद चखवाने वाले शोएब इकबाल का राजनैतिक सफर भी बेहद दिलचस्‍त है. शोएब इकबाल दिल्‍ली के एकलौते ऐसे नेता हैं जो हर बार न केवल नई पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ते है, बल्कि जीत भी हासिल करते हैं. शोएब इकबाल ने 1993 में जनता दल की टिकट पर पहली बार मटिया महल से विधानसभा चुनाव जीता. 2003 में वह जनता दल सेकुलर, 2008 में लोक जनशक्ति पार्टी और 2013 में जनता दल यूनाइटेड की टिकट पर चुनाव जीते. इस बार शोएब इकबाल आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.



सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी में घमासान
दिल्‍ली विधानसभा चुनाव 2013 के लिए बीजेपी ने जेडीयू और अकाली दल के साथ गठबंधन तो कर लिया है, लेकिन अभी तक इस बात का फैसला नहीं हो सका है कि कौन सा दल कितनी सीट पर अपने उम्‍मीदवार उतारेगा. बीजेपी अभी तक अपने 57 उम्‍मीदवारों का ऐलान कर चुकी है. सत्‍ता के गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी बुराड़ी और संगम विहार सीट से जेडीयू के उम्‍मीदवारों को चुनाव में उतार सकती है. वहीं, अकाली दल हर‍िनगर, राजौरी गार्डन, शहादरा और कालकाजी से अपने उम्‍मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारना चाहती है, लेकिन इन सीटों को लेकर बीजेपी से अभी तक सहमति नहीं बन पाई है.

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