कोलकाता नगर निगम चुनाव: BJP और TMC के टिकट पर आमने सामने हो सकते हैं पति-पत्‍नी

कोलकाता नगर निगम चुनाव: BJP और TMC के टिकट पर आमने सामने हो सकते हैं पति-पत्‍नी
कोलकाता के मेयर के पद के लिए आमने सामने हो सकते हैं सोवन और रत्ना चटर्जी (फाइल फोटो)

कोलकाता (Kolkata) में नगर निगम के चुनाव में लड़ाई बीजेपी-टीएमसी (BJP-TMC) से बढ़कर ‘मियां-बीवी’ की हो गयी है. बीजेपी टीएमसी (TMC) के मेयर रहे सोवन चटर्जी (Sovan Chatterjee) पर दांव खेलने की कोशिश में है. दूसरी ओर टीएमसी ने सोवन की पत्नी को मैदान में उतारा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 10:25 PM IST
  • Share this:
आशिका सिंह
कोलकाता.
कोलकाता (Kolkata) में अगले महीने होने वाले कोलकाता नगर निगम के चुनाव में लड़ाई बीजेपी-टीएमसी (BJP-TMC) से बढ़कर ‘मियां-बीवी’ की हो गयी है. एक तरफ बीजेपी अपना दांव कभी टीएमसी (TMC) के मेयर रहे सोवन चटर्जी (Sovan Chatterjee) पर खेलने की कोशिश में है तो दूसरी ओर टीएमसी ने सोवन की पत्नी रत्ना चटर्जी को मैदान में उतारा है.

सोवन चटर्जी, बेहला ईस्ट से विधायक (MLA) हैं जो पार्टी छोड़ने के बाद से अपने इलाके में भी नहीं गए हैं, इसी का फायदा उठाकर टीएमसी (TMC) रत्ना को सोवन की जगह आगे कर पूरे इलाके का इंचार्ज बनाया गया है.

सोवन चटर्जी ने बीजेपी अध्यक्ष नड्डा से की है बात
बेहला की कमान रत्ना को दिये जाने के बाद सोवन चटर्जी ने बीजेपी अध्यक्ष (BJP President) जे पी नड्डा से फोन पर बात की और नगर निगम के चुनाव के लिए उनका नाम पार्टी द्वारा घोषित करने की मांग की. इसी बीच कुछ दिन पहले शहर में जगह जगह पर ऐसे पोस्टर भी लगाये गए जिसमें सोवन चटर्जी से वापस मेयर बनकर अपने अधूरे दायित्वों को पूरा करने की बात कही गयी है.



रत्ना चटर्जी (Ratna Chatterjee) का कहना है कि उन्हें सोवन चटर्जी के ख़िलाफ़ भी चुनाव लड़ने में कोई आपत्ति नहीं है. रत्ना का कहना है कि सोवन के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने से उन्हें फायदा होगा क्योंकि सोवन विधायक या पार्षद के तौर पर पिछले पांच सालों में लोगों तक गये ही नहीं हैं.

सोवन चटर्जी को लेकर पशोपेश में है बीजेपी
बीजेपी आलाकमान अभी भी इस पशोपेश में है कि दागी छवि वाले सोवन चटर्जी को कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation) के चुनाव के लिए चेहरा बनाया जाये या नहीं. पार्टी में राज्य के अधिकतम नेता सोवन के ख़िलाफ़ हैं जबकि दिल्ली में आला कमान सोवन के पूर्व मेयर होने के कारण उनका नाम आगे करना चाहती है.

रत्ना से ख़राब संबंध के बाद सोवन को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने मेयर पद से हटा दिया था जिसके बाद से वे नाराज़ चल रहे थे और लोकसभा चुनाव के बाद अपनी महिला मित्र बैसाखी बंधोपाध्याय के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे. जहां ज्वाइनिंग के बाद से ही उनकी बीजेपी से नाराज़गी दिखने लगी थी और कई बार वे टीएमसी नेताओं के साथ भी नज़र आये.

यह भी पढ़ें: MP: मंत्रियों से धक्का-मुक्की पर बोली कांग्रेस- BJP ने बंधक बनाया, की बदतमीजी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज