Assembly Banner 2021

बलात्कार के आरोपी से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा, आप पीड़ित से शादी क्यों नही करते

जब लड़की 18 वर्ष की हुई तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और फिर पीड़िता ने रेप का मामला दायर किया. फाइल फोटो

जब लड़की 18 वर्ष की हुई तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और फिर पीड़िता ने रेप का मामला दायर किया. फाइल फोटो

POCSO Act: मुख्य न्यायाधीश बोबडे ने आरोपी के याचिकाकर्ता वकील से सवाल किया, "क्या आरोपी पीड़िता से शादी करेगा? अगर वह शादी करना चाहता है तो हम मदद कर सकते हैं. अगर नहीं, तो अपनी नौकरी से हाथ धोकर जेल जाओ. तुमने पहले लड़की को फंसाया और फिर उसका रेप किया."

  • Share this:
नई दिल्ली. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस ए बोबडे का ये बयान प्रथम दृष्टि में एक पंचायत के फैसले जैसा लगता है. शायद इसीलिए मुख्य न्यायाधीश की ये टिप्पणी सोशल मीडिया में खूब चर्चा में आ गई. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बोबडे महाराष्ट्र के जलगांव के रहने वाले बलात्कार के आरोपी मोहित चौहान की जमानत अर्जी की सुनवाई कर रहे थे. हाई कोर्ट ने उसकी ज़मानत अर्जी रद्द कर दी है.

तभी मुख्य न्यायाधीश ने मोहित के वकील से पूछा की आरोपी पीड़ित से शादी क्यों नही कर लेते. वकील ने कहा की आरोपी एक सरकारी मुलाजिम है और अगर वो जेल गया तो उसे नौकरी से सस्पेंड कर दिया जायेगा. जस्टिस बोबडे ने कहा ये सब आप को एक नाबालिग लड़की को फुसलाने और उसका बलात्कार करने से पहले सोचना चाहिए था. आप आरोपी से पूछिए की वो पीड़ित से शादी क्यों नही करता. लेकिन ये मत कहिए की हम आप को शादी करने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

दरअसल आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार है. उसने कई सालों तक पीड़ित का बलात्कार किया. परेशान हो कर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत करनी चाही. उस वक्त दोनो पक्षों में ये समझौता हुआ की जब लड़की 18 साल की हो जायेगी तब दोनो शादी कर लेंगे। आरोपी के परिवार का कहना है की दोनो में प्रेम था और बलात्कार की बात झूठी है.



लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी ने पीड़ित से शादी करने से मना कर दिया। उस वक्त पीड़ित ने पुलिस में बलात्कार का मुकदमा दर्ज करा दिया. मुकदमा दर्ज होने के बाद निचली अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी. लेकिन हाई कोर्ट ने ज़मानत रद्द कर दिया.
आज हुई सुनवाई में मुख्य न्यायधीश ने जब शादी के बारे में पूछा तो आरोपी के वकील ने आरोपी से बात करने के बाद कोर्ट को बताया की अब पीड़ित आरोपी से शादी करना नही चाहती. और आरोपी की भी शादी हो चुकी है. इसलिए शादी का सवाल नही उठता.

Youtube Video


ये सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने आरोपी को निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल करने के लिए चार हफ्तों का समय दे दिया और इस बीच उसे गिरफ्तार नही किया जायेगा. अब ये निचली अदालत पर निर्भर करता है की ऐसे में आरोपी को जमानत दे या नहीं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज