1350 सदस्यों की क्षमता के साथ कुछ ऐसी दिखेगी देश की 'नई' संसद

टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 861.90 करोड़ रुपये की लागत से संसद भवन की नई इमारत का निर्माण करेगी. (फाइल फोटो)
टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 861.90 करोड़ रुपये की लागत से संसद भवन की नई इमारत का निर्माण करेगी. (फाइल फोटो)

संसद की इस नई बिल्डिंग में लोकसभा के सेंट्रल हॉल (New Lok Sabha Central hall) में 900 सदस्यों तक के बैठने की जगह होगी. ज्वाइंट सेशन (Joint Session) की स्थिति में इसे 1350 की संख्या तक बढ़ाया जा सकेगा. उम्मीद है कि बिल्डिंग 2024 तक बनकर पूरी हो जाएगी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2020, 5:49 AM IST
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नई दिल्ली. देश की नई संसद बिल्डिंग (New Parliament Complex) के निर्माण का अधिकार टाटा लिमिटेड प्रोजेक्ट (Tata Projects) को मिल चुका है और उम्मीद है कि बिल्डिंग 2024 तक बनकर पूरी हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक संसद की इस नई बिल्डिंग में लोकसभा के सेंट्रल हॉल (New Lok Sabha Central hall) में 900 सदस्यों तक के बैठने की जगह होगी. ज्वाइंट सेशन (Joint Session) की स्थिति में इसे 1350 की संख्या तक बढ़ाया जा सकेगा.

राजपथ को रिडिजाइन किया जाएगा
वर्तमान संसद के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को म्यूजियम में तब्दील कर दिया जाएगा. इन दोनों ब्लॉक में ही प्रधानमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों का दफ्तर है. इसके अलावा राजपथ को रिडिजाइन किया जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि नई इमारत का काम 21 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा. संसद की नई बिल्डिंग में लोकसभा वर्तमान बिल्डिंग से तीन गुना बड़ी होगी तो वहीं राज्यसभा वर्तमान बिल्डिंग से चार गुना बड़ी होगी.

क्यों बनाई जा रही है नई बिल्डिंग
संसद की नई बिल्डिंग बनाने के पीछे कई कारण हैं जिनमें से सबसे प्रमुख यह है कि देश में सांसदों की कमी है. साल 1977 के बाद देश की जनसंख्या तो बढ़ी लेकिन लोकसभा सदस्यों की सीट नहीं बढ़ी. वर्तमान संसद के बनावट के मुताबिक इसे बढ़ाया नहीं जा सकता. जनसंख्या के हिसाब से भारत में सांसदों की संख्या ज्यादा होनी चाहिए.



साथ ही मार्च 2020 में सरकार की तरफ से यह भी सूचना दी गई थी कि वर्तमान बिल्डिंग जीर्ण हुई है और इसका अत्यधिक इस्तेमाल किया जा चुका है. अब माना जा रहा है कि परिसीमन में देश में सांसदों की संख्या बढ़ाई जा सकती है.

टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड 861.90 करोड़ रुपये की लागत से संसद भवन की नई इमारत का निर्माण करेगी. सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नई इमारत संसद की मौजूदा इमारत के नजदीक बनाई जाएगी. निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर हालांकि फैसला अभी तक नहीं लिया गया है.

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत संसद भवन की त्रिकोणीय इमारत, एक साझा केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ के पुनर्विकास की परिकल्पना की गई है. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के मुताबिक नई इमारत संसद भवन संपदा की प्लॉट संख्या 118 पर बनेगी.

कुल क्षेत्रफल करीब 65 हजार वर्ग मीटर का होगा
सीपीडब्ल्यूडी के मुताबिक, 'नए भवन के स्तंभ मौजूदा इमारत जैसे ही होंगे जो जमीन से करीब 1.8 मीटर ऊपर हैं. प्रस्तावित इमारत का कुल क्षेत्रफल करीब 65 हजार वर्ग मीटर का होगा जिसमें करीब 16921 वर्ग मीटर का भूमिगत क्षेत्र भी होगा. इमारत में भूमिगत तल के साथ ही भूतल के अलावा दो और मंजिल होंगी.'
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