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लद्दाख में चीन से निपटने की भारत की तैयारी पूरी, आधुनिक बेड, हीटर वाले घर किए गए तैयार

न्यूज18 ने पहले ये जानकारी दी थी कि भारतीय सेना सर्दियों की स्थिति को देखते हुए रूस से टेंट खरीद रही है. (Photo Credit- ANI Video grab)
न्यूज18 ने पहले ये जानकारी दी थी कि भारतीय सेना सर्दियों की स्थिति को देखते हुए रूस से टेंट खरीद रही है. (Photo Credit- ANI Video grab)

India-China Standoff: भारतीय सेना की मौजूदगी वाली कुछ जगहों पर सर्दियों में तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. इसके अलावा ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान 30 से 40 फीट तक बर्फ पड़ने की भी संभावना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 18, 2020, 6:33 PM IST
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नई दिल्ली. सर्दियों में लद्दाख सेक्टर (Ladakh Sector) के तापमान में हो रही भारी गिरावट और चीन (China) के साथ सीमा रेखा पर कोई समाधान न हो पाने के बीच भारतीय सेना (Indian Army) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (Peoples Liberation Army) के किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए आगे के इलाकों में हजारों सैनिकों के रहने के लिए आधुनिक आवास तैयार कर लिए हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को ये जानकारी दी. भारतीय सेना की मौजूदगी वाली कुछ जगहों पर सर्दियों में तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. इसके अलावा ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान 30 से 40 फीट तक बर्फ पड़ने की भी संभावना है.

आर्मी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में भारतीय सेना की तैयारियां साफ दिखाई पड़ रही हैं. इसमें सैनिकों के लिए बिस्तरों, अलमारियों और हीटरों की सुविधा है. कई कमरों में सिंगल बेड हैं वहीं एक लिविंग रूम में बंक बेड की भी व्यवस्था की गई है. सूत्रों ने बताया है कि मोर्चे पर मौजूद सैनिकों की तैनाती के हिसाब से उनके लिए गर्म टेंट की व्यवस्था की गई है.


न्यूज18 ने पहले ये जानकारी दी थी कि भारतीय सेना सर्दियों की स्थिति को देखते हुए रूस से टेंट खरीद रही है. एक सूत्र ने जानकारी दी है कि कानपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से इस तरह के टेंट खरीदने के लिए संपर्क किया गया है. चीन ने पैंगोंग के पास और एलएसी पर घर्षण वाले स्थानों पर अस्थायी ढांचों का निर्माण किया है. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि लॉकडाउन के चलते कुछ ठेकेदार जो भारतीय सेना को सैनिकों के आवास के लिए पूर्व-निर्मित संरचनाओं का निर्माण करने में मदद कर सकते थे, वे उपलब्ध नहीं थे. ऐसे में रूसी टेंट जो साइबेरिया जैसी ठंड का सामना कर सकता है, वह सबसे तेज और सबसे प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आया है.



शक्करपारा देता है जवानों को ऊर्जा
इसके साथ ही वहां के मौसम और रहने की परिस्थितियों को समझने वाले आईटीबीपी जवानों ने वहां लंबी तैनाती के लिए शक्करपारा पर सुपर फूड के तौर पर विश्वास किया. शक्करपारा एक उत्तर भारतीय स्नैक है जो कि गेहूं के आटे को तलकर चाशनी में डुबोकर बनाया जाता है. एक तैनात जवान ने इस असामान्य विकल्प के बारे में बताया, "इसमें गेहूं होता है और चीनी आपको ऊर्जा देती है. इसे बनाना और ले जाना आसान है." दिल्ली में सेना के मुख्यालय ने भी पुष्टि की, 'शक्करपारा' के बैच तैयार किए जा रहे हैं और उन्हें आगे की पोस्टों पर भेजा जा रहा है.

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जिन ऊंचाई के स्थानों पर भारतीय सैनिकों ने कब्जा कर रखा है, वहां पानी की आपूर्ति दूसरी बड़ी चिंता है. आगे की कुछ जगहों पर, जमीन के स्रोत से पाइप्ड पानी की व्यवस्था की गई है. चुशुल में स्थानीय लोगों ने कुछ अन्य स्थानों पर भारतीय सेना को पानी फ़ेरी में मदद की है.



बता दें पूर्वी लद्दाख (Northern Ladakh) में भारत और चीन के बीच मई से तनाव कायम है. दोनों देशों की सेनाओं के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी है. इसमें आखिरी दौर की बातचीत 6 नवंबर को हुई थी. अंतिम दौर की वार्ता में, दोनों पक्षों ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अग्रिम पंक्ति के सैनिक "संयम बरतें और एलएसी पर गलतफहमी और गलत अनुमान से बचें."
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