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लॉकडाउन: इस शहर में लोगों को नहीं हो रही है परेशानी, घर-घर इस तरह मिल रहा है खाना

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Updated: March 26, 2020, 2:23 PM IST
लॉकडाउन: इस शहर में लोगों को नहीं हो रही है परेशानी, घर-घर इस तरह मिल रहा है खाना
भीलवाड़ा शहर का हाल

Coronavirus: रिपोर्ट के मुताबिक शहर में लॉकडाउन काफी कारगर तरीके से काम कर रहा है. ऐसे बहुत ही कम मामले आ रहे हैं जबकि लोग घरों से बाहर कदम रखते हैं

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  • Last Updated: March 26, 2020, 2:23 PM IST
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(सुहास मुंशी)

भीलवाड़ा. पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश भर में लॉकडाउन का ऐलान किया. लेकिन चार दिन पहले ही राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर भीलवाड़ा (Bhilwada) में कर्फ्यू लगा दिया गया. भीलवाड़ा शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल के 3 डॉक्टर सहित 22 कर्मियों के कोरोना (Coronavirus) संदिग्ध मरीज पाए जाने के बाद जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया था. दरअसल कहा जा रहा है कि यहां के सैकड़ों लोग डॉक्टर के संपर्क में आए थे.

कारगर है लॉकडाउन
रिपोर्ट के मुताबिक शहर में लॉकडाउन काफी कारगर तरीके से काम कर रहा है. ऐसे बहुत ही कम मामले आ रहे हैं जब लोग घरों से बाहर कदम रख रख रहे हैं. कर्फ्यू तोड़ कर बाहर निकलने के आरोप में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. भीलवाड़ा में अब तक 17 लोग कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए हैं. राजस्थान में 45 फीसदी संक्रमित लोग भीलवाड़ा के ही हैं.



एनजीओ कर रहे हैं काम
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक लॉकडाउन को कामयाब बनाने का श्रेय यहां के एनजीओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जाता है. ये सब इस बात का खयाल रखते हैं कि शहर में कोई भूखा न रहे. जिले के सप्लाई ऑफिसर सुनील वर्मा ने बताया, 'हमने मिडिल क्लास लोगों के लिए 17 गाड़ियां चला रखी हैं. हम इन सबको उचित दरों पर खाने-पीने की सारी चीजें पहुंचाते हैं. रिक्शा चालक और वेंडर जैसे गरीबों को अलग-अलग एनजीओ खाना दे रहे है. इसके अलावा इनकी मदद के लिए उद्योगपति और मिल मालिक भी सामने आ रहे हैं.'

ऐसे मिल रहा है खाना
वर्मा ने आगे बताया, 'यहां 2840 परिवार गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं. पहले दिन हमने सुनिश्चित किया है कि हर दिन औसतन कम से कम कच्चे खाद्य पदार्थों के 5500 पैकेट लोगों तक पहुंचाए जाएं. पिछले कुछ दिनों में और संगठन भी आगे आए हैं. एक स्थानीय एनजीओ ने हमें सुबह के नाश्ते के लिए 4,000 पैकेट भेजे, 4000 पैकेट और आने वाले हैं. हमारे सभी प्रयास ये सुनिश्चित करने में लगे हैं कि कोई भी इस शहर में भूखा न रहे.'

ब्लैक मार्केटिंग नहीं
उन्होंने कहा कि शहर में इतने लंबे समय तक कर्फ्यू रहने के बावजूद शहर से अब तक खाने के सामान की ब्लैक मार्केटिंग रिपोर्ट नहीं आई है. वर्मा ने कहा, 'मैं कहूंगा कि प्रशासन ने यहां लगातार काम किया है. कर्फ्यू लागू करने से पहले हमने सुनिश्चित किया कि 35,000 फेस मास्क लोगों को बांटे जाएं. इससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में सैनेटाइज़र की आपूर्ति हो गई. 35,000 फेस मास्क का एक और खेप हम तक पहुंच गया है.'

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First published: March 26, 2020, 1:45 PM IST
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